रिपोर्ट प्रभाष मिश्रा
Garhwa News: झारखंड के गढ़वा जिले के सदर अस्पताल में चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है. पुरुष नसबंदी ऑपरेशन के दौरान थल सेना के जवान सर्वजीत उपाध्याय (कुड़ी गांव निवासी) की हालत बिगड़ गई. परिजनों ने चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि ऑपरेशन के दौरान भारी चूक हुई, जिससे मरीज की जान जोखिम में पड़ गई.
बिना एनेस्थीसिया चीरा लगाने का आरोप
भर्ती मरीज सर्वजीत उपाध्याय ने बताया कि डॉ कुश कुमार द्वारा उनका ऑपरेशन किया गया. आरोप है कि ऑपरेशन से पहले उन्हें बेहोशी या सुन्न करने की दवा (एनेस्थीसिया) नहीं दी गई और सीधे चीरा लगा दिया गया, जिससे वह दर्द से तड़प उठे. किसी तरह टांका लगाकर उन्हें घर भेज दिया गया, लेकिन घर पहुंचते ही अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लडिंग) शुरू हो गई.
हीमोग्लोबिन में आई गिरावट
तबीयत बिगड़ने पर परिजन दोबारा अस्पताल पहुंचे. बुधवार सुबह डॉ मनीष लाल की टीम ने मरीज की स्थिति गंभीर देख दोबारा ऑपरेशन किया. परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन से पहले मरीज का हीमोग्लोबिन 16.5 ग्राम था, जो रक्तस्राव के कारण घटकर 13 ग्राम रह गया.परिजनों ने अस्पताल की दक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार नसबंदी के लिए जागरूक कर रही है, तो ऐसी लापरवाही विश्वास को तोड़ती है.
क्या कहते हैं सिविल सर्जन?
मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ केनेडी ने बताया कि वर्तमान में मरीज की स्थिति सामान्य है और वह चिकित्सकों की निरंतर निगरानी में है. मामले की जांच की जा रही है.
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