गढ़वा. शहीद आशीष का शव 5.30 बजे गरनाहा पहुंच गया था़ जहां अंत्येष्टि की सभी तैयारी पहले से ही की जा चुकी थी़ लेकिन आशीष के बड़े भाई चंदन सिंह के नहीं पहुंचने के कारण 1.30 घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ा़ चंदन के लगभग सात बजे अपने घर पहुंचने के बाद अंत्येष्टि के लिए शहीद आशीष का शव उठाया गया़ गांव के समीप ही कोयल नदी के तट पर राइफल से जवानों ने अंतिम सलामी दी़ आशीष का बड़ा पुत्र अनुकल्प ने अपने पिता को मुखाग्नि दी़ इस मौके पर भाजपा नेता अलखनाथ पांडेय, गढ़वा नप उपाध्यक्ष अनिल पांडेय, जिप सदस्य फिरोज खां, पूर्व विधायक गिरिनाथ सिंह, झामुमो के आशुतोष पांडेय, धीरज दुबे, कंचन साहू, स्थानीय मुखिया नाजिया खातून, आनंद पांडेय सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे़
भाई के आने पर निकली अंतिम यात्रा
गढ़वा. शहीद आशीष का शव 5.30 बजे गरनाहा पहुंच गया था़ जहां अंत्येष्टि की सभी तैयारी पहले से ही की जा चुकी थी़ लेकिन आशीष के बड़े भाई चंदन सिंह के नहीं पहुंचने के कारण 1.30 घंटे तक लोगों को इंतजार करना पड़ा़ चंदन के लगभग सात बजे अपने घर पहुंचने के बाद अंत्येष्टि के […]
