बड़गड़ : सरकार द्वारा शिक्षा के विकास के लिए चलायी जा रही महात्वाकांक्षी योजनाओं का अभिभावक किस रूप में दुरुपयोग करते हैं, इसका ताजा उदाहरण है. बड़गड़ प्रखंड में बच्चों को रात में पढ़ने के लिए मिले सोलर स्टडी लैंप का अभिभावक जुआ खेलने में उपयोग करते हैं.
उल्लेखनीय है कि सरकार ने सुदूर क्षेत्र में जहां अक्सर बिजली नहीं रहने की शिकायत रहती है, बच्चों को रात में पढ़ाई में समस्या न हो, इसके लिए सोलर स्टडी लैंप का वितरण किया है. बड़गड़ उच्च विद्यालय की 10वीं कक्षा के भी बच्चों को भी यह लैंप दिया गया है. लेकिन यहां इसका उपयोग बच्चे अपने पढ़ाई के लिए कितना करते हैं अथवा नहीं, यह तो पता नहीं चल पा रहा है. लेकिन हर रात को इस सोलर स्टडी लैंप से उनके अभिभावकों को जुआ खेलते जरूर देखा जाता है.
गौरतलब है कि इसके पूर्व बच्चों को साइकिल खरीदने के लिए उनके खाते में दिये गये रुपये का भी उपयोग अभिभावकों द्वारा अपनी निजी कार्य करने में करने की बात प्रकाश आयी थी. इस मामले में खाता में साइकिल खरीदने की राशि जाने के महीनों के बाद भी जब उक्त छात्र की साइकिल नहीं खरीदी गयी, तो प्रशासन द्वारा राशि की रिकवरी अथवा अभिभावक पर प्राथमिकी दर्ज करने की धमकी दिये जाने के बाद अधिकांश छात्रों की साइकिल खरीदी गयी थी. अब सरकार विद्यार्थियों के लिए एक अन्य कल्याणकारी योजना रात में पढ़ने के लिए सोलर स्टडी लैंप का भी अभिभावक यही हश्र कर रहे हैं. बड़गड़ में पिछले 29 अक्तूबर को सोलर स्टडी लैंप दिया गया था. इसका वितरण स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हाथों करायी गयी थी. लेकिन इस लैंप का यहां खुद बच्चे के ही अभिभावक दुरुपयोग कर रहे हैं. इससे पता चलता है कि अभिभावक अपने बच्चों के पढ़ाई के प्रति गंभीर नहीं है.
