मामला कृषि ऋण लंबित रखने का
गढ़वा : जिलास्तरीय परामर्शदातृ समिति की तिमाही समीक्षा बैठक उपायुक्त डॉ नेहा अरोड़ा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में कृषक ऋण के लिए लगाये गये शिविर में आये आवेदनों पर कारवाई नहीं होने पर उपायुक्त ने बैंककर्मियों के प्रति कड़ी नाराजगी जतायी़
उपायुक्त ने कहा कि शिविर के दौरान उत्पन्न हुई अफरातफरी के लिए भी अग्रणी बैंक प्रबंधक अख्तर आलम को कड़ी झाड़ पिलायी़ 28 अक्तूबर को वैसे किसानों के लिए शिविर लगाया गया था, जिनके ऋण संबंधी आवेदन बैंक की ओर से स्वीकार नहीं किये जा रहे थे़ शिविर में 5084 आवेदन प्राप्त हुए थे़ लेकिन बैंककर्मी बीच में ही वापस चले गये थे़
आवेदन जमा होने के बाद सभी कृषि विभाग से बैंक को भेजे गये हैं, लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हुई है़ इसी तरह बैंककर्मियों को ग्राहक सेवा केंद्र का निरीक्षण करने का निर्देश पिछली बैठक में दिया गया था, लेकिन किसी भी बैंक ने इस पर रिपोर्ट नहीं दी है़ इस पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जतायी़ इसी तरह एसएचजी के ऋण संबंधी आवेदनों को भी निष्पादित करने के निर्देश दिये गये़ उपायुक्त ने कहा कि 15 नवंबर को झारखंड राज्य स्थापना दिवस के मौके पर एसएचजी के बीच ऋण का वितरण करना है़ इसलिए इसके पूर्व इसे निष्पादित कर दे़ं
सीडी रेसियो संतोषजनक रहा
समीक्षा बैठक में सीडी रेसियो की समीक्षा के दौरान व संतोषजनक पाया गया़ सभी बैंकों का सीडी रेसियो 41.09 प्रतिशत है़ इसके अलावा बैठक में बैंकों द्वारा चलाये जा रहे वितीय साक्षरता कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया गया कि इसके तहत अभी तक 68 कैंप लगाये गये हैं, जहां से 4374 लोगों को जागरूक किया गया है़
बैठक में बैंकों द्वारा 3658 लोगों पर नीलामपत्र वाद दायर करने की जानकारी दी गयी़ बैठक में सरकार की ओर से 500 व 1000 रुपये के नोट को प्रचलन से बाहर किये जाने पर भी चर्चा की गयी़ इस पर उपायुक्त ने कहा कि आमलोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है़
सबके बड़े नोट बैंक द्वारा वापस ले लिया जायेगा़ बैंककर्मियों की ओर से इसके अलावा 2000 रुपये का नोट 15 से 20 दिन में गढ़वा पहुंचने की जानकारी दी गयी़ इस अवसर पर आरबीआइ के एजीएम अमरेंद्र गुप्ता, एलडीएम अख्तर आलम सहित अन्य बैंककर्मी उपस्थित थे़
