951 में 152 बच्चे ही उपस्थित

32 प्रतिशत बच्चे ही जाते हैं विद्यालय नगरऊंटारी (गढ़वा) : मंगलवार को हलिवंता कला पंचायत के मुखिया ने स्त्रोन्नत उच्च विद्यालय हलिवंता कला का निरीक्षण किया. विद्यालय निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं उजागर हुई. विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 951 है, जबकि विद्यालय में उपस्थित बच्चों की संख्या मात्र 152 पायी गयी. शिक्षक समयानुसार […]

32 प्रतिशत बच्चे ही जाते हैं विद्यालय

नगरऊंटारी (गढ़वा) : मंगलवार को हलिवंता कला पंचायत के मुखिया ने स्त्रोन्नत उच्च विद्यालय हलिवंता कला का निरीक्षण किया. विद्यालय निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं उजागर हुई. विद्यालय में नामांकित बच्चों की संख्या 951 है, जबकि विद्यालय में उपस्थित बच्चों की संख्या मात्र 152 पायी गयी. शिक्षक समयानुसार विद्यालय नहीं पहुंचते हैं.

विद्यालय में पहुंचने पर प्रभारी प्रधानाध्यापक धूप में अखबार पढ़ते पाये गये. विद्यालय की शिक्षिका किरण श्रीवास्तव व अगाथा टोप्पो 11.35 बजे विद्यालय पहुंची, जबकि शिक्षक राजकुमार ने 11 बजे विद्यालय में पहुंचने की बात स्वीकारी.

पारा शिक्षक गोविंद सिंह अनुपस्थित पाये गये. दो शिक्षक गणित विषय का प्रशिक्षण पाने गये थे, जबकि एक शिक्षक का प्रतिनियोजन दूसरे विद्यालय में कर दिया गया है. आधा दर्जन नियमित शिक्षक में चार शिक्षक ही उपस्थित पाये गये. विद्यालय के बच्चों को वर्ष 2012-13 के छात्रवृत्ति का भुगतान नहीं किया गया है. वर्ष 2011-12 के छात्रवृत्ति वितरण से संबंधित कोई अभिलेख विद्यालय में नहीं है. विद्यालय को विधायक मद में मिला कंप्यूटर, गोदरेज में बंद पाया गया. कक्षा से नौंवी तक के छात्र-छात्र नंगे फर्श पर बैठे पाये गये.

कक्षा एक से चार तक का क्लास एक ही कमरे में चल रहा था तथा एक ही समय दो शिक्षिकाएं उस कक्षा में बच्चों को पढ़ा रही थी. वहीं विद्यालय में पर्याप्त कमरे हैं. कक्षा पांचवीं की छात्र पिंकी कुमारी से जब देश का नाम पूछा गया, तो उसने हलिवंता खुर्द (अपने ही गांव का नाम) व प्रखंड का नाम झारखंड बनाया. बच्चे राज्यपाल का नाम नहीं बता सके. एक छात्र ने राज्य का नाम नगरऊंटारी बताया. बच्चों को पढ़ा रही शिक्षिका किरण श्रीवास्तव से राज्यपाल व देश के राष्ट्रपति का नाम बच्चों को बताने के लिए कहा गया, तो वे नहीं बता सकी. विद्यालय परिसर में ही स्त्रोन्नत उच्च विद्यालय का विशाल भवन बन कर तैयार है, लेकिन अभी तक उसमें शिक्षण कार्य प्रारंभ नहीं हो सके.

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