गढ़वा. गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है. उपायुक्त अनन्य मित्तल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये झार जल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चापाकल, जलमीनार या पानी की सप्लाई से जुड़ी कोई भी समस्या सात दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए. समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने कुछ क्षेत्रों में शिकायतों के पेंडिंग होने पर कड़ी नाराजगी जतायी. उन्होंने सभी बीडीओ और कनीय अभियंताओं को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का समाधान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जायेगी. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन इलाकों में पानी का कोई स्रोत नहीं है और फंड सीमित है, वहां भी कम से कम एक वाटर सोर्स की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए ताकि आम जनता को बूंद-बूंद पानी के लिए न तरसना पड़े. शिकायतों की स्थिति (11 मई 2026 तक) कार्यपालक अभियंता अजय कुमार सिंह ने बैठक में जिले की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा पेश किया. इसके तहत कुल प्राप्त शिकायतें: -1404 चापाकल मरम्मती (सर्वाधिक):- 1089 लघु जलापूर्ति योजना:- 224 सफल निष्पादन:- 1068 मामले सुलझाए गए वर्तमान में लंबित: -64 (इनके शीघ्र समाधान का आदेश) यहां करें अपनी शिकायत गढ़वा जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि पेयजल से संबंधित किसी भी समस्या के लिए वे इन माध्यमों का उपयोग करें: टोल फ्री नंबर:- 1800-3456-502 व्हाट्सएप नंबर:- 9470176001 / 9470176901 ऑनलाइन पोर्टल:- jharjaljharkhand.gov.in पुलिस हेल्पलाइन:- 112
भीषण गर्मी में पेयजल संकट पर डीसी सख्त, बोले सात दिनों से ज्यादा लंबित न रहे कोई भी शिकायत
गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है.
