मझिआंव : विकास के नाम पर योजनाओं की बर्बादी किस तरह से होती है, इसे देखना हो तो मझिआंव के सकरकोनी गांव चले आइये़ एक तरफ मझिआंव के कई गांव में आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है और बच्चे जैसे-तैसे स्थिति में पढ़ाई कर रहे हैं, वहीं सरकोनी गांव में 100 मीटर की दूरी पर ही दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन बना दिये गये हैं. जबकि गांव में मात्र एक ही आंगनबाड़ी केंद्र संचालित होता है़
ऐसे में दो-दो आंगनबाड़ी केंद्र भवन बनाकर राशि का बंदरबाट करने के आरोप को बल मिलता है़ आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका सकीना खातून व सहायिका मशरत नाशरीन ने बताया कि 10 वर्ष पूर्व ही यहां पक्का आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया था, जो ठीक ठाक हालत में है़ गांव में चूंकि दूसरा कोई आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है, इसलिए दूसरा भवन क्यों बना, यह उनकी समझ से परे है.
ग्रमीणों ने बताया कि अभी इस योजना की कोई आवश्यकता नहीं थी़ इसमें जो लाखों रुपये खर्च हुए हैं. उसके बदले गांव में दूसरी योजना ली जा सकती थी़ इस संबंध में आंगनबाड़ी पर्यवेक्षिका सुमित्रा देवी ने बताया कि सकरकोनी गांव में एक ही आंगनबाड़ी केंद्र है़
दूसरा केंद्र नहीं होने के बावजूद किसके आदेश पर यह भवन बनाया गया है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. करमडीह पंचायत के मुखिया सबीर अंसारी व पंचायत समिति सदस्य राजेंद्र राम ने बताया कि इसमें सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया है़ जबकि इस संबंध में समाज कल्याण पदाधिकारी मधुश्री मिश्रा ने कहा कि वे इस मामले की जांच करायेंगी और दोषी पक्षों पर कार्रवाई करेंगी़ उन्होंने बताया कि यह जांच का विषय है कि किसकी अनुशंसा पर दुबारा वहां आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण किया गया़
