गढ़वा : शहर के सोनपुरवा स्थित प्रसिद्ध रामलला मंदिर के पुर्ननिर्माण के दौरान जेसीबी मशीन की चपेट में आने से वर्षों से वहां रह रहे नाग-नागिन की मौत हो गयी़ इसके बाद पूरे विधि-विधान से मंदिर परिसर में ही दोनों नाग-नागिन के जोड़ों की अंत्येष्टि (दफन) की गयी़
मंदिर कमेटी के सचिव धनंजय सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए मंगलवार को मंदिर के निर्माण को लेकर जेसीबी मशीन द्वारा मंदिर परिसर से मलबे को हटाया जा रहा था़ इसी दौरान उसकी चपेट में आने से दोनों नाग-नागिन की मौत हो गयी़
बताया जाता है कि कई वर्ष से नाग-नागिन मंदिर परिसर में ही रहते थे़ लेकिन उनका स्थायी ठिकाना किसी को भी मालूम नहीं था़ नाग-नागिन के मौत के बाद काफी संख्या में श्रद्धालु व आसपास के लोग वहां पहुंचे़ अर्थी बनाकर नये कपड़े में नाग-नागिन को करीब चार घंटे तक मंदिर परिसर में ही रखा गया, जहां काफी संख्या में लोगों ने पहुंच कर दर्शन किया़ मंगलवार को अपराह्न 2.30 बजे नाग-नागिन के जोड़े को मंदिर परिसर में ही दफनाया गया़ इस मौके पर मंदिर कमेटी के सुदर्शन सिंह, पुजारन सरस्वती कुंवर, बैजनाथ सिंह, धनंजय गौड़, पुष्परंजन, अनिल पांडेय, सत्यनारायण दुबे सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे़
