बूढ़ा : पहाड़ झारखंड एवं छत्तीसगढ़ की सीमा पर अवस्थित है़ घने जंगल एवं दुर्गम इलाका होने के कारण माओवादी यहां अक्सर न सिर्फ शरण लेते हैं, बल्कि समय-समय पर यहां प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित करते हैं.
गढ़वा जिले में एकमात्र भंडरिया थाना का ही इलाका बचा हुआ है, जहां माओवादियों की रह-रह कर सक्रियता देखने को मिलती है़ जिले के अन्य सभी थाना क्षेत्रों से माओवादियों का सफाया किया जा चुका है़ इसके कारण पुलिस बूढ़ा पहाड़ के आसपास से भी माओवादियों की सक्रियता समाप्त करने के लिये रह-रहकर ऑपरेशन चला रही है़
