हटायी गयी संयोजिकाओं को बहाल करने सहित छह सूत्री मांग पत्र शिक्षा सचिव को भेजा
गढ़वा : झारखंड प्रदेश विद्यालय रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ की गढ़वा जिला कमेटी द्वारा छह सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन शुरू किया गया है़ अनशन पर बैठनेवालों में कौशल्या देवी, रामपति देवी, सुनिता देवी, सुमति देवी, गीता देवी, मरियम बीबी, प्रमिला देवी, विमला देवी, मनसा देवी, कुमारी देवी, लालति देवी, जीरमनिया कुंवर, छठनी देवी, नजमुन बीबी, फूलवा बीबी, राधिका देवी, प्रमिला देवी, ऊषा देवी, चिंता देवी, कमला देवी, सरिता देवी, रेणू देवी, सुजंती देवी, रामकुमारी देवी सहित 64 महिलाओं के नाम शामिल हैं.
अनशन करनेवाली रसोईया एवं संयोजिका उपायुक्त के माध्यम से झारखंड सरकार के शिक्षा सचिव को छह सूत्री मांगपत्र भेजी हैं. इसमें सरकार के चिट्ठी के आलोक में सभी रसोइया एवं संयोजिका को नहीं हटाने, हटाये गये संयोजिका को पुन: बहाल करने, सभी रसोइया का मानदेय प्रत्येक महीने उनके व्यक्तिगत बैंक खाते में भेजने, रसोईया एवं संयोजिका को स्थायी करने, सभी संयोजिका को मानदेय देने एवं रसोईया एवं संयोजिका को सरकारीकर्मी घोषित करने की मांग शामिल है.
रसोइया संयोजिका अध्यक्ष संघ गढ़वा जिला इकाई की अध्यक्ष सुषमा मेहता ने कहा कि मेराल एवं डंडई के बीइइओ ने सरकार के आदेश का उल्लंघन करते हुए बिना कारण संयोजिका राजपति देवी, रेणू देवी, रामपति देवी, फूलकुंवरी देवी, सुनीता देवी, दुलारी देवी एवं जसीमा बीबी को हटाकर दूसर को बहाल कर दिया है़ जबकि 12 साल से कार्यरत महिला प्रशिक्षित संयोजिका एवं रसोईया को हटाना राज्य सचिव के पत्र का उल्लंघन है़ इसे लेकर उन्होंने उपायुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी का आवेदन दिया़ लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहींकी गयी़
इसके कारण सभी संयोजिका एवं रसोईया विवश होकर आमरण अनशन पर बैठी हैं. इनका नेतृत्व करते हुए सुषमा मेहता ने कहा कि जबतक इनकी मांगे पूरी नहीं की जायेगी, तबतक इनका अनशन जारी रहेगा़
