।। देवदत्त चौबे ।।
गढ़वा : मनरेगा में सामग्री व मजदूरी में निर्धारित औसत से अधिक खर्च करने के कारण उप विकास आयुक्त उमाशंकर प्रसाद ने सभी बीडीओ से स्पष्टीकरण मांगा है. उनसे तीन दिनों के अंदर जवाब देने को कहा है.
उप विकास आयुक्त बुधवार को मनरेगा सहित अन्य योजनाओं की समीक्षा सभी बीडीओ के साथ कर रहे थे. समीक्षा में पाया गया कि मनरेगा योजना के तहत सामग्री व्यय में 52 प्रतिशत से अधिक खर्च कर दिया गया है.
वहीं निर्धारित मानदंड के अनुसार सामग्री व्यय में अधिकतम 40 प्रतिशत व मजदूरी में न्यूनतम साठ प्रतिशत खर्च करना है. समीक्षा में इसका उल्लंघन पाये जाने पर स्पष्टीकरण मांगा गया.
बैठक में मनरेगा में राशि के कम खर्च को देखते हुए इसे बढ़ाने के लिए 27 जनवरी से पांच प्रखंडों में काम मांगों अभियान चलाने का निर्णय लिया गया. इनमें विशुनपुरा, मझिआंव, डंडा, केतार व रमना शामिल हैं. उक्त प्रखंडों में शिविर लगा कर लोगों को काम लेने के प्रति जागरूक किया जायेगा.
इसके अलावा एक सप्ताह में सभी बीडीओ को दो करोड़ रुपये खर्च करने तथा 200 कूप निर्माण को पूरा करने का निर्देश दिया गया. बैठक में मनरेगा की तरह वृद्धावस्था पेंशन योजना का भी सामाजिक अंकेक्षण करने का निर्देश दिया गया. इसके अलावा एकाउंट फ्रीजिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने तथा आधार कार्ड से 3000 लोगों को जोड़ने का निर्देश दिया गया. जिले में 27 जनवरी से इएफएस योजना चालू कर दी जायेगी. बैठक में कार्यालय प्रबंधक मिथिलेश कुमार, डीसीएलआर सुधीर कुमार गुप्ता, एमआइएस प्रभारी अभिमन्यु कुमार सहित सभी बीडीओ व बीपीओ मौजूद थे.
