गढ़वा : मनरेगा का डोभा योजना अफसर, मंत्री व ठेकेदार के लिए लूट योजना बन कर रह गयी है. जल संचयन के नाम पर सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है़ रघुवर सरकार में अफसरशाही हावी है.
जनता पर दमन हो रहा है, इसे लेकर माले रघुवर सरकार गद्दी छोड़ो आंदोलन की शुरुआत करेगी़ उक्त बातें माले के प्रदेश सचिव जर्नादन प्रसाद ने पत्रकार वर्ता कर कही़ जर्नादन प्रसाद ने कहा कि राज्य में 20 लाख लोगों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्ड मुहैया नहीं कराया गया है. जिनके पास कार्ड है, उन्हें राशन नहीं मिल रहा है. यह सरकार की कैसी नीति है़ किसानों को फसल का बीज व कर्ज नहीं मिल रहा है.
सरकार सड़क बनाकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने मे लगी हुई है़ राज्य में सरकार दमनकारी नीति अपना रही है, आंदोलन करने पर उन्हें पुलिस द्वारा पीटा जा रहा है, बोकारो में पत्रकारों को पीटा गया, गढ़वा में आंदोलन कर रहे लोगों पर लाठी बरसायी गयी. मनिका में एक नाबालिग लड़की को प्रताड़ित किया गया तथा हाइवे पर पुलिस ने चालक को गोली मार कर हत्या कर दी़
उपरोक्त घटनाएं एक सप्ताह में घटित हुई है़ सरकार पुलिस के अनैतिक कार्य को संरक्षण दे रही है़ उन्होंने कहा कि सीएनटी एक्ट में संशोधन कर गरीबों की जमीन कॉरपोरेट घरानों को सौंपा जा रहा है, जिसे माले बरदाश्त नहीं करेगा़
राज्य में दमन व लूट का साम्राज्य स्थापित है़ राज्यसभा में खरीद-फरोख्त की गयी, इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए. राज्य कमेटी सदस्य कालीचरण मेहता ने कहा कि 22 जून को माले सरकार के पोल खोलो अभियान के तहत समाहरणालय पर प्रदर्शन करेगा़ प्रसेवार्ता में सुषमा मेहता, अख्तर अंसारी, कामेश्वर विश्वकर्मा, लालमुनी गुप्ता, किशोर कुमार, रामचंद्र उरांव, संजय चंद्रवंशी, शमशाद अंसारी अन्य लोग उपस्थित थे़
