नहीं मिल रहा लाभुकों को अनाज

– विजय सिंह – – परती कुश्वनी व पाचाडुमर पंचायत का हाल – ग्रामीणों को दो वर्ष से नहीं मिल रहा है अन्नपूर्णा योजना का लाभ भवनाथपुर (गढ़वा) : केतार प्रखंड के परती कुश्वनी व पाचाडुमर पंचायत के ग्रामीण पिछले दो वर्ष से अन्नपूर्णा योजना के लाभ के लिए भटक रहे हैं. इनकी सुधि लेनेवाला […]

– विजय सिंह –

– परती कुश्वनी व पाचाडुमर पंचायत का हाल

– ग्रामीणों को दो वर्ष से नहीं मिल रहा है अन्नपूर्णा योजना का लाभ

भवनाथपुर (गढ़वा) : केतार प्रखंड के परती कुश्वनी व पाचाडुमर पंचायत के ग्रामीण पिछले दो वर्ष से अन्नपूर्णा योजना के लाभ के लिए भटक रहे हैं. इनकी सुधि लेनेवाला कोई नहीं है.

इन ग्रामीणों को पिछले दो वर्ष से अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिला है. इसके पूर्व इन ग्रामीणों को 10-10 किलो चावल मिलता था, लेकिन किन कारणों से दो वर्ष से लाभ नहीं मिल रहा है.

इसकी जानकारी भी किसी को नहीं है. ग्रामीणों को भवनाथपुर गोदाम से ही चावल मिलता है. मंगलवार को भी दर्जनों की संख्या में ग्रामीण गोदाम पहुंच गये, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा हुआ था. इसी बीच मीडिया के लोग भीड़ देख कर हाल जानने का प्रयास किया. बंधिया कुंवर, बुधु उरांव, बुटनी कुंवर, शिवमानी देवी, सहोदरी कुंवर, बच्चु उरांव, जीखा देवी आदि ने बताया कि परती कुश्वानी से चावल लेने आये है, लेकिन कोई नहीं दिख रहा है.

बताया गया कि आज छुट्टी है, तो वे गरीब लाचार ग्रामीण काफी दु:खी हुए. उनकी आवाजों में दर्द था चेहरे पर मायूसी थी. कहा दू साल में कई बार अइली, लेकिन कोई नइखे मिलत. शरीर भी लाचार हो गइल, काम भी नइखे करे पावत बहुत बुरा हाल बा. उक्त ग्रामीण 20 से 22 किलोमीटर की दूरी तय कर गोदाम भवनाथपुर पहुंचे थे. सन्नाटा पसरा देख कर काफी दुखी हुए.

इन गरीबों का दिन भर का समय तो गया ही. साथ ही किसी प्रकार जुटाये गये 20 से 30 रुपये भी खर्च हो गये. घर से सुबह चले थे और जाने में शाम हो जायेगा. बीडीओ ब्रजेंद्र कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, परंतु मोबाइल नॉट रिचेवल मिला. मुखिया लालपति देवी ने इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही साथ ही कहा कि अब मालूम हुआ है, तो लाभुकों की सूची देखेंगे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >