पुनर्मतगणना की मांग को लेकर
गढ़वा : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के संपन्न हुए मतगणना के बाद बड़े पैमाने पर अनियमितता की बातें सामने आ रही हैं. मंगलवार को जहां कई लोगों ने समाहरणालय पर प्रदर्शन किया था व धरना दिया था,
वहीं आज बुधवार को जाटा पंचायत के लोगों ने मुखिया पद के लिए हुए मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए पुनर्मतगणना की मांग को लेकर दिनभर समाहरणालय घेरे रखा. गढ़वा प्रखंड के जाटा पंचायत से पहुंचे ग्रामीणों ने समाहरणालय का मुख्य गेट जाम किया तथा प्रशासन विरोधी नारे लगाये. इस वजह से दिनभर समाहरणालय में आवाजाही ठप रही.
प्रशासनिक पदाधिकारी कमरों में कैद रहे. समाहरणालय जाम की वजह से उपायुक्त, उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक आदि अधिकारी अपने कार्यालय नहीं गये. वहीं अपर समाहर्ता सहित अन्य अधिकारी अंदर ही फंसे रहे. इस दौरान जबरन समाहरणालय से निकलने का प्रयास कर रहे जिला परिवहन पदाधिकारी फिलब्यूस बारला के साथ ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की भी की.
सुबह से ही जाम किया गया समाहरणालय
सुबह 10 बजे से लेकर संध्या 4.30 बजे तक जाटा के ग्रामीणों ने समाहरणालय को घेरे रखा. बाद में गढ़वा थाना प्रभारी निरंजन कुमार की पहल पर अपर समाहर्ता संजय कुमार से उनकी वार्ता हुयी.जिसमें उन्हें प्रशासनिक मजबूरियां बताते हुए अपर समाहर्ता ने कहा कि अब यहां से इसका कोई समाधान निकलनेवाला नहीं है.
इसके बाद ग्रामीणों ने न्यायालय की शरण में जाने की धमकी दी तथा आंदोलन वापस ले लिया. आंदोलन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि प्रखंड निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा भेदभाव का रवैया अपनाते हुए हारे हुए प्रत्याशी को जीता दिया गया तथा प्रमाण पत्र दे दिया गया है. इसकी जब शिकायत उन्होंने तत्काल उपायुक्त सहित अन्य अधिकारियों से की, तो पुनर्मतगणना नहीं किया गया.
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां की गयी हैं. यदि पुनर्मतगणना हुई, तो कई अधिकारियों की नौकरी चली जायेगी. क्योंकि उन्होंने साजिश कर हारे हुए प्रत्याशियों को जीताने का काम किया है. इस मौके पर मुखिया प्रत्याशी शारदा देवी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.
