मात्र दो जिप प्रत्याशी दुबारा चुने जा सके
गढ़वा : गढ़वा जिला परिषद इस बार बदला-बदला नजर आयेगा. जिला परिषद में मात्र दो ही पुराने जिप सदस्य दुबारा चुने जा सके हैं. जबकि 19 जिला परिषद सदस्यों को हार का सामना करना पड़ा है. अधिकांश सदस्यों के हारने के बाद नये चेहरों को सीखने में भी कुछ समय लगेगा. विदित हो कि पिछली बार 21 सीटों पर ही जिप सदस्य पद का चुनाव हुआ था.
जबकि इस बार 25 सीटों पर जिप सदस्य का चुनाव हुआ है. पिछले बार के पांच वर्षों का कार्यकाल में पंचायत प्रतिनिधियों को शक्तियां एवं पर्याप्त राशि नहीं मिलने के कारण जिप सदस्यों को बहुत कुछ करने का मौका नहीं मिला था. साथ ही तीन बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव कराना पड़ा था. दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाने के बाद सुषमा मेहता को पद से विमुक्त होना पड़ा था.
बाद में खरौंधी जिप सदस्य गीता देवी अध्यक्ष पद पर कुछ समय के लिए काबिज रही थीं. इसके अलावा जितने बार भी जिप बोर्ड की बैठक हुई, लगभग सभी हंगामे एवं खींचतान की भेंट चढ़ी थी. इस बार जिला परिषद के जो 25 सदस्य चुने गये हैं, उनमें रंका दक्षिणी से उमा देवी एवं सगमा से नंदगोपाल यादव दुबारा चुन कर आये हैं. जबकि शेष सीटों पर वर्तमान सदस्यों को हार का सामना करना पड़ा है. जिप अध्यक्ष रही सुषमा मेहता डंडा से एवं उपाध्यक्ष रहे सत्यनारायण यादव रमकंडा से अपनी सीट बचाने में नाकामयाब रहे. सुषमा मेहता कड़े मुकाबले में हारी, जबकि सत्यनारायण यादव की पत्नी सुशीला देवी मुकाबले से ही बाहर हो गयी थी.
पिछले बार के 21 जिप सदस्यों में से एक भी मुसलिम प्रतिनिधि नहीं था. लेकिन इस बार चार मुसलिम प्रतिनिधि चुने गये हैं. गढ़वा पश्चिमी से साबिर अंसारी, पूर्वी से फिरोज खां, मेराल उतरी से अफसाना खातून, बिशुनपुरा से नसीबा बीबी मुस्लिम चेहरे के रूप में उभरकर सामने आये हैं.
