गढ़वा : लगमा देवीधाम परिसर में सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच कलश स्थापना के साथ श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा यज्ञ की शुरुआत हुई. सुबह में यज्ञ के पूर्व कलश यात्रा निकाली गयी. कलश यात्रा में आसपास के गांवों के काफी संख्या में महिलाओं ने ब्रम्हस्थान खजुरी से जल लाकर यज्ञशाला में स्थापित किया. शाम में श्रीमद्भागवत ज्ञान कथा का उदघाटन किया गया.
गढ़वा व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार श्रीवास्तव, आयोजन समिति के अध्यक्ष डॉ दशरथ पांडेय एवं ज्योतिषार्च अवध बिहारी मिश्र ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर ज्ञान कथा का उदघाटन किया. इस अवसर पर आयोजित अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से अध्यात्मिक वातावरण बनता है.
लोगों को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है, जो आज के भाग-दौड़ एवं तनावयुक्त जीवन के लिये अत्यंत आवश्यक है. अवध बिहारी मिश्र ने कहा कि जहां भागवत कथा होती है, वहां सभी तीर्थों का वास होता है. इसलिये आज लगमा गांव तीर्थस्थल जैसा बन गया है.
अध्यक्ष डॉ दशरथ पांडेय ने भागवत महात्म्य की दार्शनिक व्याख्या करते हुये कहा कि कार्तिक मास में श्रीमदभगवत कथा का श्रवण अनंत फलदायी होता है.
भगवान विष्णु को भागवत कथा काफी प्रिय है. इस कथा के श्रवण मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं तथा व्यक्ति अक्षय सुख, शांति एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है. कथा की शुरुआत करते हुए अयोध्या से आये बालस्वामी प्रपन्नाचार्य ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा पाचवां वेद है.
उन्होंने लोगों से कथा को पूरे भाव के साथ सुनने की अपील की. इस अवसर पर सांस्कृतिक मंडली द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गये. कार्यक्रम में डॉ लाल मोहन मिश्र, अलखनाथ पांडेय, अनिरुद्ध प्रसाद सोनी, बीएसकेडी पब्लिक स्कूल के निदेशक संजय सोनी, अरुण कुमार मिश्र, वीणा पाठक, संजय भगत, प्रो बीपी पांडेय, प्रो सुरेंद्र तिवारी, गढ़वा नगर पंचायत के उपाध्यक्ष अनिल पांडेय, दिलीप कुमार पाठक, लखन कश्यप, प्रभु नारायण पाठक, अरूण दूबे, पारसनाथ केसरी, सुशील केसरी, मनोज सोनी, बनारसी पांडेय, प्रो किशोरी मोहन, गोपाल पांडेय सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थे. मंच का संचालन द्वारिकानाथ पांडेय ने किया.
