ग...ओके...भाव से ही भगवान मिलते हैं : शिरोमणि

ग…अोके…भाव से ही भगवान मिलते हैं : शिरोमणि 18जीडब्ल्यूपीएच5-प्रवचन करते शिरोमणि शर्मा रंका(गढ़वा). भाव से भगवान मिलते हैं. यदि सच्चे भाव से साधना की जाये, तो भगवान साक्षात रूप से प्रकट होते हैं. इसलिए हमें भाव से भगवान का नाम लेना चाहिए. उक्त बातें शहर के थाना मोड़ स्थित दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा आयोजित पंडाल […]

ग…अोके…भाव से ही भगवान मिलते हैं : शिरोमणि 18जीडब्ल्यूपीएच5-प्रवचन करते शिरोमणि शर्मा रंका(गढ़वा). भाव से भगवान मिलते हैं. यदि सच्चे भाव से साधना की जाये, तो भगवान साक्षात रूप से प्रकट होते हैं. इसलिए हमें भाव से भगवान का नाम लेना चाहिए. उक्त बातें शहर के थाना मोड़ स्थित दुर्गा पूजा कमेटी द्वारा आयोजित पंडाल में प्रवचन करते हुए पंडित शिरोमणि शर्मा ने कही. उन्होंने कहा कि भगवान राम अपने पिता का आज्ञा मानकर वनवास गये थे. भगवान राम एक आदर्श पुरुष थे. उनका जन्म मानव कल्याण के लिए हुआ था. उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए शत्रुओं का नाश कर असत्य पर विजय प्राप्त की. उन्होंने कहा कि रामचरित मानस में उल्लेखित पाठ से प्रवचन होता है. प्रवचन सुनने से मन को शांति मिलती है. इस मौके पर कमेटी के संरक्षक श्याम सुंदर प्रसाद, रमेश राम, मुखिया महिमा गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, प्रेमचंद्र प्रसाद, दिनेश कुमार आदि उपस्थित थे.

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