ग....ओके...भदई के साथ धान भी सूखने लगे

ग….अोके…भदई के साथ धान भी सूखने लगे 17जीडब्ल्यूपीएच11-श्रमदान कर चेक डैम बनाते किसानकांडी(गढ़वा). कांडी प्रखंड इस वर्ष पूरी तरह सुखाड़ की चपेट में आ गया है. प्रखंड में भदई की फसल पहले ही पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है. अब धान की फसल भी सूखने लगी है. प्रखंड के किसान राधा राम, अखिलेश राम, […]

ग….अोके…भदई के साथ धान भी सूखने लगे 17जीडब्ल्यूपीएच11-श्रमदान कर चेक डैम बनाते किसानकांडी(गढ़वा). कांडी प्रखंड इस वर्ष पूरी तरह सुखाड़ की चपेट में आ गया है. प्रखंड में भदई की फसल पहले ही पूर्ण रूप से बर्बाद हो चुकी है. अब धान की फसल भी सूखने लगी है. प्रखंड के किसान राधा राम, अखिलेश राम, अंबिका पासवान, ममता देवी, पंकज पासवान, बिफन राम आदि ने बताया कि हमलोग बैंक से केसीसी का ऋण लेकर धान की फसल लगाये थे. लेकिन अंतिम समय में बारिश नहीं होने के कारण फसल सूखने लगी है. यदि फसल नहीं हुई, तो वे बैंक का ऋण कहां से चुकायेंगे. प्रखंड के पतहरिया पंचायत के किसानों के बीच भी पंडा नदी का पानी साथ नहीं दे रहा है. किसान श्रमदान तथा चंदा कर नदी में बांध बनवाये थे. लेकिन खेतों में पानी गिरने से पहले ही बांध टूट जा रहा है. पतहरिया गांव के समाजसेवी सत्येंद्र पासवान, संजीत बैठा, पंकज पासवान, कुंदल राम, राधा वर्मा आदि ने जिला प्रशासन से पतहरिया गांव में पंडी नदी में चैकडैम बनाने की मांग की है. अगर चेक डैम बन जाता है, तो हजारों एकड़ भूमि में लगी धान की फसल सिचिंत हो सकेगी. किसानों ने कहा कि हमलोग मिट्टी बालू से नदी में बांध बनाते हैं, लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण यह टूट जाता है.

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