खरौंधी(गढ़वा). जिप अध्यक्ष गीता देवी के पति सह प्रतिनिधि धर्मराज पासवान की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार की रात खरौंधी के ग्रामीणों ने थाना का घेराव किया. इस दौरान पुलिस प्रशासन के विरोध में नारे लगाये गये. बाद में डेढ़ घंटे बाद एसडीपीओ मनीष कुमार द्वारा श्री पासवान को छोड़ने एवं ग्रामीणों पर प्राथमिकी दर्ज नहीं करने के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए.
समाचार के अनुसार मंगलवार को विद्युत विभाग द्वारा अवैध रूप से विद्युत जला रहे लोगों के विरुद्ध छापामारी अभियान चलाया जा रहा था. इस दौरान चंदनी गांव में अमरनाथ चौबे के यहां जांच की जा रही थी. इस बीच जिप अध्यक्ष प्रतिनिधि धर्मराज पासवान, राकेश दूबे सहित 30-35 ग्रामीणों की विद्युतकर्मियों के साथ तूतू-मेंमें होने लगी. ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुये सहायक अभियंता उपेंद्र कुमार, कनीय अभियंता अमल राय, अशोक कुमार, उमेश प्रजापति और विजय कुमार शुक्ला आदि ने नगरऊं टारी पहुंचकर एसडीपीओ मनीष कुमार से बात की तथा इसके बाद खरौंधा आकर ग्रामीणों के विरुद्ध आवेदन दिया. जिनके विरूद्ध अवैध बिजली जलाने के लिये आवेदन दिया गया, उनमें चंदनी के लाल बहादुर बैठा, अमरनाथ चौबे, गटियरवा गांव के रूपू यादव, मलधन मेहता, विजय शंकर मेहता, अनिल मेहता,चौलिया के अजय साव, कू पा गांव के सुदामा साव व कृ ष्णा विश्वकर्मा का नाम शामिल है. इसी दौरान धर्मराज पासवान भी वहां पहुंचे.
धर्मराज को देखने के बाद पुलिस ने उन्हें मामला दर्ज होने से पहले ही हिरासत में ले लिया. इसकी सूचना फैलने के बाद करीब 500 की संख्या में ग्रामीण खरौंधी थाना पहुंचे और घेराव किया. ग्रामीणों ने केस वापस लेने ओर धर्मराज पासवान को रिहा करने की मांग की. स्थिति को भांपने के बाद एसडीपीओ मनीष कुमार वहां पहुंचे और श्री पासवान को छोड़ने के निर्देश दिये. श्री पासवान को छोड़े जाने के साथ ही मामला दर्ज नहीं करने का आश्वासन दिया गया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्होंने कनेक्शन लेने के लिये पूर्व लाईन मैन दिलीप चौबे को पैसा दिया था. लेकिन उन्हें कनेक्शन नहीं दिया गया.
