90 दिवसीय मध्यस्थता अभियान में जिले के 619 मुकदमे किये गये थे रेफर प्रतिनिधि, गढ़वा नालसा नयी दिल्ली के निर्देश पर मेडिएशन फॉर नेशन के तहत चलाये गये 90 दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान में गढ़वा जिले के 619 मुकदमे रेफर किये गये थे, जिनमें से 270 मामलों का निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से किया गया है. वहीं 72 मामलों में प्रक्रिया जारी है, जबकि 112 मुकदमों में सुलह नहीं हो सकी. यह जानकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गढ़वा के अध्यक्ष मनोज प्रसाद ने गुरुवार को अपने कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में दी. उन्होंने बताया कि मध्यस्थता एक सुलभ और अंतिम न्याय का माध्यम है, जिसमें फैसला पक्षकारों के हाथ में होता है और अपील की आवश्यकता नहीं पड़ती. यदि किसी मुकदमे में कोर्ट फीस जमा है तो मध्यस्थता के बाद वह फीस वापस कर दी जाती है. पीडीजे ने बताया कि यह विशेष मध्यस्थता अभियान एक जुलाई से 30 सितंबर तक चला, हालांकि न्यायालय में मध्यस्थता की प्रक्रिया पूरे वर्ष जारी रहती है. उन्होंने जिले के लोगों से अपील की कि वे अपने मामलों के शीघ्र निपटारे के लिए मध्यस्थता का लाभ उठायें. उन्होंने कहा कि कुछ कानूनों में प्री-लिटिगेशन मेडिएशन अनिवार्य है, जिसके बिना मुकदमा दर्ज नहीं हो सकता. कानूनी जानकारी या सहायता के लिए कोई भी व्यक्ति 24 घंटे उपलब्ध टोल-फ्री नंबर 15100 पर कॉल कर सकता है या डीएलएसए कार्यालय पहुंच सकता है. इस दौरान डीएलएसए की सचिव निभा रंजना लकड़ा भी उपस्थित थीं.
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