गढ़वा. उपायुक्त डॉ मनीष रंजन ने मंगलवार को एनएच-75 के सहायक अभियंता, कनीय अभियंता व संवेदक पाटिल कंसट्रक्शन के साथ अपने कार्यालय में बैठक की. बैठक में उपायुक्त नें कहा कि एनएच-75 गढ़वा शहर व जिले की जीवन रेखा है. तीन राज्यों को जोड़ने वाला यह राष्ट्रीय राजमार्ग संवेदक एवं एनएच-75 के पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण बदहाल स्थिति में है. इस राजमार्ग में कई पुल-पुलियाओं के अधूरे निर्माण व खोदे गये गड्ढे से लगातार दुर्घटनाएं हो रही है.
उपायुक्त ने संबंधित पक्षों को चेतावनी देते हुए कहा कि एनएच-75 के निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही के कारण दोषी पदाधिकारियों को जेल भेजा जा सकता है. बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण एनएच-75 के कार्यपालक अभियंता विनोद राम को तत्काल प्रभाव से वेतन बंद कर इनके बरखास्तगी के लिए विभागीय सचिव को अनुशंसा पत्र भेजने की बात कही.
उपायुक्त ने एनएच-75 के पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि हर हाल मेंं 24 घंटे के अंदर शहरी क्षेत्र में सड़क को दुरुस्त करने का कार्य शुरू किया जाये. यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्य का अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन प्रत्येक दूसरे दिन कार्यपालक अभियंता द्वारा उपायुक्त को उपलब्ध करायी जाये. इस मौके पर संवेदक ने कहा कि वन विभाग द्वारा कई स्थानों पर एनओसी नहीं मिलने की वजह से यह बाधित है. उपायुक्त ने जल्द ही एनएच-75 के निर्माण पर एक समन्वय बैठक आयोजित करने की बात कही. इसमें वन विभाग, खनन विभाग व एनएच-75 से जुड़े सभी पदाधिकारी एवं संवेदक मौजूद रहेंगे.
