गढ़वा, रंका, मेराल प्रखंड ही तय करते हंै भाग्य

गढ़वा विधानसभा सीट गढ़वा. गढ़वा विधानसभा क्षेत्र मंे पड़नेवाले छह प्रखंडों में से गढ़वा, मेराल एवं रंका तीन ऐसे प्रखंड हैं, जिस पर प्रत्याशियों की विशेष नजर रहती है. इन्हीं तीन प्रखंडों में सबसे ज्यादा मतदान केंद्र हैं. गढ़वा प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में ब्राह्मण एवं शहरी क्षेत्रों में वैश्य मतदाता एकजुटता की स्थिति में […]

गढ़वा विधानसभा सीट गढ़वा. गढ़वा विधानसभा क्षेत्र मंे पड़नेवाले छह प्रखंडों में से गढ़वा, मेराल एवं रंका तीन ऐसे प्रखंड हैं, जिस पर प्रत्याशियों की विशेष नजर रहती है. इन्हीं तीन प्रखंडों में सबसे ज्यादा मतदान केंद्र हैं. गढ़वा प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में ब्राह्मण एवं शहरी क्षेत्रों में वैश्य मतदाता एकजुटता की स्थिति में जीत- हार को२ तय करते हैं. मेराल प्रखंड में अनुसूचित जाति के वोटरों पर प्रत्याशियों की विशेष नजर रहती है. रंका प्रखंड में प्रत्याशियों के प्रचार अभियान के केंद्र में अनुसूचित जनजाति होते हैं. गढ़वा विधानसभा क्षेत्र में 136 बूथ हैं. जबकि मेराल में 90, रंका में 61, चिनियां में 24, रमकंडा में 28 एवं डंडा प्रखंड में 13 मतदान केंद्र हैं. दिलचस्प बात यह है कि तीनों प्रमुख प्रखंड गढ़वा, मेराल एवं रंका से इस बार एक-एक प्रत्याशी मैदान मे हैं. गढ़वा प्रखंड के बेलहारा गांव निवासी सत्येंद्रनाथ तिवारी भाजपा से, रंका प्रखंड के रंका गढ़ के गिरिनाथ सिंह राजद से तथा मेराल प्रखंड के संगबरिया निवासी वीरेंद्र साव झारखंड विकास मोरचा से प्रत्याशी हैं. इन तीनों प्रखंडों में जिस प्रत्याशी को ज्यादा मत प्राप्त होंगे, वह गढ़वा विधानसभा सीट का विजेता होगा.२

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