मृतक करीमन मियां की उम्र 75 वर्ष थी
भवनाथपुर : गढ़वा जिला के भवनाथपुर प्रखंड के मकरी गांव निवासी करीमन मियां को मरने के बाद कब्रिस्तान में जगह नहीं मिली. उसके अपने ही समुदाय के लोगों के विरोध कर कब्रिस्तान में शव दफनाने से रोक दिया. समाज के कुछ लोगों के विरोध के कारण जब करीमन का शव 34 घंटे तक अपने घर में ही पड़ा रह गया, तो उनके परिजनों ने विवश होकर दूसरे के सहयोग से अपने घर के पास ही भूमि में शव को दफना दिया.
गौरतलब है कि करीमन मियां की 75 वर्ष की उम्र में गुरुवार की सुबह करीब चार बजे निधन हुआ था. करीमन की एकमात्र लड़की है, जिसकी शादी हो गयी है. घर में कोई वारिस नहीं होने के कारण करीमन के निधन की सूचना पर उसके रिश्तेदार पहुंचे और शव को कब्रिस्तान ले जाने की तैयारी करने लगे.
तभी समाज के ही कुछ लोगों ने विरोध किया और कब्रिस्तान ले जाने से मना कर दिया. तबसे दिन-रात उसके शव को दफनाने को लेकर विवाद होता रहा. यहां तक की गांव के कब्रिस्तान में शव दफनाने के लिए खोदे गये गड्ढे को भी विरोध करनेवालों ने भरवा दिया. साथ ही जनाजे की नमाज भी अदा नहीं करने दी. इसके कारण अंतत: दूसरे दिन शुक्रवार को दोपहर में करीमन के घर के पास ही खेत में उसके शव को मिट्टी दी गयी.
