भवनाथपुर से बोकारो जा रही थी ट्रेन
सेल प्रबंधन को हुआ करोड़ों का नुकसान
भवनाथपुर : सेल आरएमडी भवनाथपुर तुलसीदामर खदान समूह के भवनाथपुर स्थित रेलवे साइडिंग से डोलोमाइट पत्थर लेकर बोकारो जा रही मालगाड़ी की मस्टेज बोगी भवनाथपुर से 27 किमी और मेराल से सात किमी पीछे रजहरा गांव के समीप बेपटरी हो गयी. बेपटरी होने से ट्रेन की मस्टेज बोगी करीब एक किमी दूर तक घसीटते हुए चली गयी. इससे रेल पटरी में लगे 767 स्लीपर सेल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है. यह घटना बीते सोमवार के दोपहर 12 बजे की है.
उक्त मालवाहक ट्रेन आरएमडी सेल के भवनाथपुर स्थित रेलवे साइडिंग से डोलोमाइट पत्थर लदे 58 बोगियों में से 29 बोगी लेकर बोकारो जाने के क्रम में मेराल स्टेशन पहुंचने से पूर्व सात किमी पीछे ही ट्रेन की मस्तिजबोगी दुर्घटनाग्रस्त हो गयी. दुर्घटना होने की सूचना पर शाम सात बजे चोपन से पहुंची. दुर्घटना राहत यान के कर्मियों द्वारा पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रेल पटरी को दुरुस्त करते हुए मस्टेज बोगी को पटरी पर लाकर ट्रेन को 12 बजे रात में गंतव्य स्थान के लिए रवाना किया.
रेल पटरी मरम्मत के लिए प्रतिवर्ष निकलती है निविदा
भवनाथपुर रेलवे साइडिंग से लेकर मेराल तक 34 किमी तक रेल लाइन की निगरानी के लिए आरएमडी सेल प्रबंधन भवनाथपुर द्वारा प्रत्येक वर्ष 16 लाख रुपये की निविदा निकालती है. इसमें प्रति वर्ष भवनाथपुर से मेराल तक आठ मजदूर इस रेल लाइन की देखरेख में लगे रहते हैं. फिर भी बार-बार उसी रेल लाइन पर डोलोमाइट लदे मालवाहक ट्रेन की कभी इंजन, कभी पत्थर लदे बोगी तो कभी ट्रेन की मस्टेज बोगी बेपटरी होते रहती है. इस प्रकार की घटना सेल प्रबंधन द्वारा रेल लाइन के लिए निकाले जाने वाली टेंडर की पोल खोल रही है.
करोड़ों का हुआ नुकसान
बताया गया कि भवनाथपुर से डोलोमाइट पत्थर लेकर बोकारो जा रही ट्रेन की मस्टेज बोगी बेपटरी होने और एक किमी दूर तक घसीटने के चलते रेल पटरी में लगा 767 स्टील के स्लीपर सेल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है. जबकि क्षतिग्रस्त हुए एक स्टील स्लीपर की कीमत करीब 12000 रुपये बतायी जा रही है. इसी तरह कुल 767 स्टील स्लीपर सेल के कीमत 9204000 रुपये आंकी गयी है. पत्थर लदे ट्रेन की की बोगी बेपटरी होने और स्लीपर सेल क्षतिग्रस्त होने से आरएमडी सेल भवनाथपुर को करोड़ों रुपये की नुकसान होने की बात सामने आ रही है.
