खरौंधी : खरौधी प्रखंड के सेमरवा गांव के अकवनियां टोला में एक समुदाय विशेष के लोगों द्वारा राजकिशोर मेहता को रास्ते पर चलने से रोकने के बाद विवाद बढ़ गया. बाद में लोगों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ. सेमरवा गांव के अकवनियां टोला में राजकिशोर मेहता सुबह लगभग तीन बजे एक कमांडर पर सब्जी लेकर भवनाथपुर बेचने जा रहे थे.
इसी बीच अलमुद्दीन मियां, युसूफ मियां आदि ने अपने घर के सामने रास्ते पर कमांडर को जाने से रोक दिया. इससे राजकिशोर मेहता सब्जी बेचने नहीं जा सके. इस घटना को लेकर राजकिशोर मेहता ने थाना सहित कई लोगों को सूचना दी. इस बीच ग्रामीणों ने अलमुद्दीन मियां, यूसुफ मियां आदि को समझा कर रास्ता नहीं रोकने की नसीहत दी तब जाकर दोपहर लगभग बारह बजे राजकिशोर मेहता सब्जी बेचने भवनाथपुर जा सके. बताया जाता है कि दोनों पक्ष में पुराना जमीनी विवाद होने के कारण एक पक्ष ने रास्ता रोका था.
दूसरे पक्ष के अलीमुद्दीन अंसारी, यूसुफ अंसारी ने बताया कि राजकिशोर मेहता के कारण धान की फसल बर्बाद होने के कगार पर है. उन्होंने कहा कि अप्रैल 2018 में प्रमुख धर्मराज पासवान मुखिया शिव कुमार यादव की उपस्थिति में जमीन विवाद को लेकर पंचायती की गयी थी.
इसमें 15 डिसमिल जमीन कुआं या घर के पास राजकिशोर मेहता को देने का फैसला सुनाया गया था. इस फैसला को लेकर दोनों पक्षों ने सहर्ष स्वीकार किया था. परंतु बाद में राजकिशोर मेहता ने जमीन देने से आनाकानी कर दिया. इससे उन्हें रास्ता पर जाने से रोका गया था. थाना प्रभारी अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है.
