सब्जियों के भाव में आयी है गिरावट
गढ़वा : प्याज की खेती के लिये प्रसिद्ध गढ़वा के आसपास के क्षेत्र को प्याज के लिये रोना पड़ रहा है. गढ़वा शहर के इर्द-गिर्द जाटा, जुटी, ढोटी, तेनार, विकताम, बसरिया, मेराल का नेनुआ मोड़ आदि गांव सब्जियों के लिए मशहूर हैं. यहां से उत्पादित सब्जी न सिर्फ जिला मुख्यालय गढ़वा की सब्जी मंडी में पहुंचकर लोगों की आवश्यकता को पूरी करती है, बल्कि यहां से उत्पादित सब्जी ट्रेन व ट्रकों से यूपी, बिहार व छत्तीसगढ़ के बाजारों में भी थोक मात्रा में भेजी जाती हैं.
इनमें आलू, बैगन, टमाटर, लौकी, विभिन्न प्रकार के साग, मटर, गोभी, मिर्ची, मूली, प्याज आदि शामिल हैं. इसके बावजूद इस समय यहां प्याज के भाव आसमान छू रहे हैं. देश के बड़े शहरों के ही भाव में गढ़वा में प्याज इस समय 100 रुपये प्रति किलो मिल रहा है. यह गढ़वा के लिये अबतक का एक नया रिकॉर्ड है.
किसानों के मुताबिक, प्याज का यह भाव यहां तब तक रहेगा, जब तक नया प्याज खेतों से निकलकर बाजार में नहीं आ जाता है. स्थानीय सब्जी उत्पादक कहते हैं कि सीजन में ही उनसे बड़े व्यापारी थोक भाव में सारा प्याज उठा लेते हैं. अब वे जो प्याज बेच रहे हैं, वह बड़े व्यापारियों के गोदाम से अथवा बाहर से आया हुआ माल है. इसलिए उन्हें जिस दाम में प्याज उपलब्ध हो रहा है, उसी अनुसार वे खुदरा में बेच रहे हैं. हालांकि सब्जियों के दाम में गिरावट आयी है. इसके कारण अधिकांश उपभोक्ता प्याज छोड़ कर सब्जी खरीद रहे हैं.
बाजार में इस समय मूली प्रति किलो 10 रुपये, टमाटर 20 रुपये, लॉकी पांच रुपये, आलू 30 रुपये, मटर 40 रुपये, गोभी 20 रुपये, करैला 30 रुपये, पालक 10 रुपये तथा चना साग 40 रुपये बिक रहा है.
