भवनाथपुर. प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय झगराखाड़ में कमरों की कमी के कारण बच्चों को फर्श और बरामदे में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है. विद्यालय में वर्तमान में करीब 125 बच्चे नामांकित हैं, जबकि पढ़ाई के लिए मात्र दो कमरे उपलब्ध हैं. वहीं, पूर्व में बने दो अन्य कमरों का भवन जर्जर हो चुका है, जिससे उसके कभी भी ध्वस्त होने की आशंका बनी हुई है.
अप्रैल से जर्जर कमरों में बंद है पढ़ाई
बताया जाता है कि अप्रैल 2026 से जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए बच्चों को वहां बैठाना बंद कर दिया गया है. सुरक्षा के मद्देनजर बच्चों को जर्जर कमरों से हटाकर बरामदे के फर्श पर बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है. इससे बच्चों को पढ़ाई के दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इतना ही नहीं, वर्तमान में जिन कमरों में पढ़ाई हो रही है, उनकी छत का प्लास्टर भी गिर रहा है और उनकी हालत भी जर्जर है.
2023 में शिक्षा सचिव ने किया था निरीक्षण
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, वर्ष 2023 में तत्कालीन शिक्षा सचिव के. रवि कुमार ने विद्यालय का निरीक्षण किया था. उस दौरान शिक्षकों ने विद्यालय में कमरों की कमी और जर्जर भवन की समस्या से उन्हें अवगत कराया था. इसके बावजूद अब तक विद्यालय में अतिरिक्त भवन की व्यवस्था नहीं हो सकी है.
उपायुक्त और शिक्षा विभाग को दी गयी जानकारी
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मृत्युंजय यादव ने विद्यालय में भवन की कमी और जर्जर कमरों की स्थिति से उपायुक्त तथा संबंधित शिक्षा विभाग को पत्र के माध्यम से अवगत कराया है. प्रधानाध्यापक का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त कमरों की तत्काल आवश्यकता है.
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मौसम की मार भी झेल रहे बच्चे
125 बच्चों के लिए केवल दो कमरे होने से विद्यालय में पठन-पाठन की व्यवस्था प्रभावित हो रही है. बरामदे में बैठकर पढ़ने वाले बच्चों को मौसम की मार भी झेलनी पड़ती है. अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग से विद्यालय की समस्या का शीघ्र समाधान करते हुए नए अतिरिक्त भवन का निर्माण कराने की मांग की है.
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