सर, मैं जिंदा रहना चाहता हूं, मेरा कागजात सही से बना दीजिए

नाम में त्रुटि के कारण नहीं बन रहा आयुष्मान कार्ड

घाटशिला.

घाटशिला प्रखंड में प्रशासनिक लापरवाही और दस्तावेज में त्रुटि का एक बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है. कालाचिती पंचायत के चापड़ी गांव निवासी दुर्योधन गोराई गुरुवार को अपनी असाध्य बीमारी के इलाज की गुहार लेकर प्रखंड मुख्यालय पहुंचे. राशन कार्ड में नाम में त्रुटि के कारण इलाज से वंचित बुजुर्ग मुख्यालय के मुख्य गेट के सामने ही धरना पर बैठ गये. उनके हाथों में एक तख्ती थी, जिस पर प्रशासन से जीवित रहते इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की अपील थी. पीड़ित ने बताया कि उनके आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र में उनका नाम दुर्योधन गोराई बिल्कुल सही दर्ज है. वहीं, राशन कार्ड में उनका नाम सुदर्शन गोराई लिख दिया गया है. इस तकनीकी त्रुटि के कारण उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा है, जिससे वह सरकार की मुफ्त स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं. सिस्टम की बेरुखी से तंग आकर उन्होंने कहा, ‘सर, मैं जिंदा रहना चाहता हूं. मेरा काजगात सही से बना दीजिए’.

छह महीने से ब्लॉक का चक्कर काट रहा परिवार, नहीं हुआ समाधान

पीड़ित के पुत्र संजय गोराई ने बताया कि उनका परिवार पिछले छह महीनों से राशन कार्ड में नाम सुधार करवाने के लिए प्रखंड आपूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहा है. लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं. परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने से निजी अस्पताल में इलाज कराना उनके लिए महंगा पड़ रहा है. कई अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड होने पर इलाज की बात कही है, लेकिन सरकारी दफ्तरों की सुस्ती के कारण उनका नाम सुधार नहीं हो सका है.

मामले की जांच कर होगी कार्रवाई

घाटशिला प्रखंड आपूर्ति कार्यालय से इस संबंध में अभी तक कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है. यदि मामला किसी असाध्य रोग से पीड़ित व्यक्ति से जुड़ा है, तो इसकी गंभीरता को देखते हुए आवश्यक जानकारी प्राप्त कर उचित कार्रवाई की जायेगी.

-जुल्फिकार अंसारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी————————————–

राशन कार्ड में नाम सुधार से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज जिला कार्यालय को भेज दिये गये हैं. देखते है, क्या होता है.

-कौशल किशोर भगत, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, घाटशिला

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Author: ATUL PATHAK

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