चाकुलिया : चाकुलिया स्थित जुगीतोपा पंचायत के सोनाहारा में शनिवार को पारंपरिक खोड़ीपहाड़ी पहाड़ पूजा श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ हुई. धार्मिक अनुष्ठान को मुख्य पुजारी मिहिर सरदार, त्रिलोचन सरदार, मानिक महतो, खोकन सरदार व पूर्ण सरदार ने संपन्न कराया. मान्यता के अनुसार, पहाड़ देवता को प्रसन्न करने के लिए मुर्गे व बकरे की बलि दी गयी. सबसे पहले 12 मौजा के ग्राम प्रधानों ने पूजा-अर्चना की, जिसके बाद आम श्रद्धालुओं के लिए द्वार खोले गये. चाकुलिया प्रखंड में अच्छी बारिश और निरोगी काया की मन्नत को लेकर पहाड़ों की पूजा करने की सदियों पुरानी परंपरा है. इस वर्ष भी खोड़ीपहाड़ी संस्कृति रक्षा समिति ने पूजा और मेले के सफल संचालन में मुख्य भूमिका निभायी.
इस ऐतिहासिक पहाड़ पूजा में मुख्य रूप से 12 मौजा के ग्रामीण शामिल हुए. इनमें सोनाहारा, सालुआडीह, रेंगड़पाहाड़ी, लुआग्राम, आमलागुड़ा, भालूकापाहाड़ी, मालकुंडी, सीजबेडिया, हतियाशोली, कालिदासपुर, बड़शोल और कदमाशोली के हजारों श्रद्धालु शामिल रहे, जिन्होंने पहाड़ देवता से क्षेत्र की खुशहाली की कामना की.
पर्यटन स्थल के रूप में चमकेगी खोड़ीपहाड़ी : विधायक
विधायक समीर मोहंती भी पूजा में शामिल हुए. भगवान के दर्शन कर क्षेत्र की सुख, शांति व समृद्धि की प्रार्थना की. विधायक ने कहा कि खोड़ीपहाड़ी को विशेष पहचान दिलाने के उद्देश्य से पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है. इसका ऐसा सौंदर्यीकरण किया जायेगा कि झारखंड के कोने-कोने से लोग यहां पूजा करने और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचेंगे.
