पोटका. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोटका में “मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ” (एमडीए) का प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है. कार्यक्रम के पहले चरण में बुधवार को सुपरवाइजर, सीएचओ और एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया. इसके बाद प्रखंड के सभी सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाओं को भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा. एमडीए के तहत फाइलेरिया और हाइड्रोसिल रोग के उन्मूलन के लिए पूरी आबादी को दवाएं दी जायेंगी. 10 फरवरी को प्रत्येक बूथ पर दवा वितरण किया जाएगा, जबकि 11 फरवरी से 25 फरवरी तक सहिया दीदी घर-घर जाकर दवा पहुंचायेंगी. यह दवा 2 साल से लेकर बुजुर्गों तक के सभी लोगों को दी जाएगी, जबकि गर्भवती माताओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा लेने पर प्रतिबंध है. प्रशिक्षण में प्रभारी चिकित्सा डॉ. रजनी महाकुर, बीपीएम अनामिका सिंह, पीरामल संस्था की अंजली सिंह और सभी एमपीडब्ल्यू शामिल रहे. एमओआइसी डॉ. रजनी महाकुड़ ने बताया कि फाइलेरिया मच्छर के काटने से फैलती है और शरीर के हाथ, पैर और स्तन को प्रभावित करती है, जिसे आमतौर पर “हाथीपांव ” कहा जाता है. उन्होंने सभी से अपील की कि इस बीमारी से मुक्ति पाने के लिए दवा का सेवन अवश्य करें.
East Singhbhum News : फाइलेरिया से बचाव को समय पर दवा लेना जरूरी : डॉ महाकुड़
सुपरवाइजर, सीएचओ और आंगनबाड़ी सेविकाओं को मिला प्रशिक्षण
