East Singhbhum News : दारीसाई कृषि केंद्र का कार्यालय सात माह से सील, जिले के हजारों किसान प्रभावित

दारीसाई कृषि केंद्र का कार्यालय सात माह से सील, जिले के हजारों किसान प्रभावित

गालूडीह. पूर्वी सिंहभूम जिले के दारीसाई स्थित कृषि विज्ञान केंद्र का कार्यालय बीते सात महीने से सील है. इससे जिले के 11 प्रखंडों के हजारों किसान प्रभावित हो रहे हैं. दरअसल, केंद्र में लाखों रुपये की हेरा-फेरी का मामला आया था. इसके बाद बिरसा कृषि विवि ने मामले की जांच पूरी होने तक 30 अक्तूबर, 2024 को कार्यालय सील कर दिया था. सात माह बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है. रबी फसल का मौसम बर्बाद हुआ, अब खरीफ का प्रभावित होना तय है.

केंद्र कार्यालय और कार्यक्रम समन्वयक कार्यालय के बाहर नोटिस लगी है, जिसमें लिखा है कि बीएयू प्रशासन के आदेश पर सील किया गया है. इसे खोलने या तोड़ने का प्रयास ना करें. इस क्षेत्र की बड़ी आबादी धान की खेती करती है. कृषि विज्ञान केंद्र में नये अनुसंधान, पशुपालन, खेती पर प्रशिक्षण आदि बंद है.

बकाया भुगतान नहीं होने से संविदा कर्मी व मजदूर परेशान:

दूसरी ओर, दारीसाई कृषि विज्ञान केंद्र के 22 मजदूर और संविदा कर्मी बकाया मजदूरी भुगतान को लेकर परेशान हैं. काफी दिनों तक मजदूरों ने आंदोलन किया. आंदोलन को जेएलकेएम नेता रामदास मुर्मू ने समर्थन दिया. कुछ मजदूरों को कुछ बकाया भुगतान किया गया. पूरा भुगतान नहीं किया गया. आंदोलन और धरना देकर मजदूर भी थक गये हैं.

किसान मित्रों के नवीकरण के लिए ग्रामसभा अनिवार्य

घाटशिला. घाटशिला प्रखंड तकनीकी प्रबंधक कृषि विभाग के ब्रजेश कुमार ने कहा कि प्रखंड के सभी 22 पंचायतों में किसान मित्रों के नवीकरण के लिए ग्रामसभा का आयोजन कर आवेदन देने की प्रक्रिया शुरू की जाए. उन्होंने कहा कि किसान मित्रों का चयन या नये स्तर से चयन ग्राम सभा के माध्यम से ही किया जाना अनिवार्य है. ग्रामसभा की संस्तुति के साथ संबंधित दस्तावेज कृषि तकनीकी कार्यालय में जमा करना होगा. इस बीच किसान मित्रों ने बताया कि पिछले आठ महीनों से उन्हें मानदेय राशि का भुगतान नहीं किया गया है. इसे लेकर भी एक सूची तैयार की जा रही है. घाटशिला प्रखंड में वर्तमान में लगभग 43 किसान मित्र कार्यरत हैं. इस संबंध में प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमरनाथ पांडे ने कहा कि किसान मित्रों के मानदेय भुगतान से संबंधित प्रस्ताव जिला स्तर पर भेजा जा चुका है और जल्द समाधान की उम्मीद है. इसी क्रम में ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में (ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान) के माध्यम से निशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं. इसमें 18 से 45 वर्ष के ग्रामीण, विशेषकर बीपीएल परिवारों के सदस्य, भाग ले सकते हैं. प्रशिक्षण के साथ हॉस्टल और भोजन की भी व्यवस्था निशुल्क की गयी है.

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Author: ATUL PATHAK

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