मुसाबनी.
मुसाबनी उप डाकघर का भवन मरम्मत के अभाव में पूरी तरह जर्जर हो चुका है. करीब 70 वर्ष पूर्व निर्मित इस भवन की छत पर लगे टीना सड़ चुके हैं और खपड़े गिर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. इसके बावजूद कर्मचारी इसी जर्जर भवन में अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने को विवश हैं. डाकघर पहुंचने वाले आम लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. बताया जाता है कि मुसाबनी उप डाकघर के संचालन के लिए आइसीसी कंपनी द्वारा यह भवन उपलब्ध कराया गया था. खदानों की बंदी के बाद वर्ष 2005 में मुसाबनी टाउनशिप का अधिग्रहण झारखंड सरकार ने कर लिया, जिसके बाद एचसीएल प्रबंधन ने टाउनशिप के रख-रखाव की जिम्मेदारी से खुद को मुक्त कर लिया. इसके बाद से भवन की नियमित मरम्मत नहीं हो सकी और आज इसकी स्थिति बेहद खराब हो चुकी है. बारिश के मौसम में छत से पानी टपकता है. डाकघर के कंप्यूटर, महत्वपूर्ण कागजात और अन्य सामग्री को प्लास्टिक से ढंककर किसी तरह सुरक्षित रखा जाता है. जर्जर भवन के कारण डाकघर का नियमित कार्य भी प्रभावित हो रहा है.अनापत्ति प्रमाण पत्र के अभाव में अटकी मरम्मत :
डाकघर भवन की मरम्मत के लिए डाक विभाग की ओर से उच्च अधिकारियों को आवेदन दिया गया. विभागीय अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की आवश्यकता बतायी. इसके बाद सीओ को आवेदन देकर एनओसी की मांग की गयी. अंचल कार्यालय की ओर से की गयी जांच में जमीन को राज्य सरकार द्वारा अधिग्रहण के बाद गृह विभाग की भूमि बताया गया और अपर उपायुक्त, जमशेदपुर को पत्र भेजकर मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया गया. लेकिन अब तक अपर उपायुक्त कार्यालय से कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है. एनओसी नहीं मिलने के कारण डाक विभाग मरम्मत कार्य शुरू नहीं कर पा रहा है.शौचालय और जेनरेटर की स्थिति भी बदहाल:
उप डाकघर मुसाबनी का शौचालय भी वर्षों से जर्जर हालत में है. शौचालय का दरवाजा और छत टूटे हुए हैं, जिससे कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है. शौचालय उपयोग लायक नहीं होने के कारण कर्मचारियों को इधर-उधर जाना पड़ता है. वहीं, डाकघर के लिए विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया जेनरेटर सेट भी पिछले दो वर्षों से खराब पड़ा है. बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जनरेटर के अभाव में डाकघर का कामकाज पूरी तरह ठप हो जाता है.28 शाखा डाकघरों का संचालन इसी उप डाकघर से
मुसाबनी उप डाकघर के अधीन कुल 28 शाखा डाकघर हैं. मुसाबनी और डुमरिया प्रखंड के गांवों में डाक व्यवस्था का संचालन इसी उप डाकघर के माध्यम से होता है. इसके अंतर्गत बादिया, बड़ाअस्ति, डुमरिया, बड़ाबोतला, भागाबांधी, पलाशबनी, कांटासोल, रांगामाटिया, जंगल ब्लॉक, भीतरआमदा, बारुनिया, आस्ताकव्वाली, कुमड़ासोल, महेशपुर समेत 28 शाखा डाकघर शामिल हैं. भवन की बदहाल स्थिति के कारण शाखा डाकघरों तक समय पर डाक पहुंचाने में भी दिक्कतें आ रही हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
