नरवा .
भारत सरकार के उपक्रम यूसिल नरवा पहाड़ माइंस में सात दिनों से चल रहा कार्य बहिष्कार आंदोलन सोमवार की देर शाम समाप्त करने पर सहमति बनी. दिन भर चले त्रिपक्षीय वार्ता में एसडीओ के समक्ष यूसिल प्रबंधन ने तत्काल डेथ केस में आठ लोगों की नियुक्ति और विस्थापितों के रिटायरमेंट व वीआरएस लेने पर उनके आश्रितों से 20 जनवरी तक आवेदन लेकर बोर्ड में भेजने पर सहमति जतायी. अप्रूवल मिलने के बाद 120 आश्रितों का नियोजन किया जायेगा. पोटका विधायक संजीव सरदार की मौजूदगी में सोमवार को धालभूम एसडीओ अर्नव मिश्रा, नरवा पहाड़ माइंस विस्थापित कमेटी और यूसिल प्रबंध के अधिकारियों के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई. जमीन विस्थापित कमेटी के अध्यक्ष बुधराई किस्कू ने उक्त जानकारी दी.वर्ष 2014 और 2023 के समझौते के अनुपालन को लेकर चल रहा था आंदोलन
बुधराई किस्कू ने बताया कि वर्ष 2014 और 2023 में यूसिल प्रबंधन के साथ हुई त्रिपक्षीय बैठकों में मुख्य रूप से डेथ केस, पीढ़ी-दर-पीढ़ी नौकरी और हर साल 8 लोगों की नियुक्ति पर सहमति बनी थी. धरातल पर पूर्व में त्रिपक्षीय वार्ता के निर्णय का अनुपालन नहीं हो रहा था. इन्हीं मांगों को लेकर 12 जनवरी से विस्थापितों ने यूसिल नरवा पहाड़ माइंस का गेट जाम कर सभी कार्य ठप कर दिया था. आंदोलन के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर माइंस में पूरा काम बंद था.
एक दिन पूर्व रविवार को रद्द हुई थी बैठक, सोमवार को बनी बात
रविवार को पोटका सीओ निकिता बाला की पहल पर त्रिपक्षीय बैठक प्रस्तावित तय थी, लेकिन उनकी अनुपस्थिति के कारण बैठक रद्द कर दी गयी थी. बाद में सीओ निकिता बाला ने जानकारी दी कि सोमवार को धालभूम एसडीओ कार्यालय में बैठक होगी. सोमवार को हुई त्रिपत्रक्षीय वार्ता में विधि उपसमाहर्ता चंद्रजीत सिंह, पोटका सीओ निकिता बाला, यूसिल प्रबंधन की ओर से डीजीएम माहली, जीएम राकेश कुमार, गिरीश गुप्ता, एसके सेन गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे. यूसिल नरवा पहाड़ विस्थापित कमेटी के अध्यक्ष बुधराई किस्कू, महासचिव मोचीराम सोरेन व अन्य लोग थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
