मुसाबनी. प्रखंड परिसर में स्थित पुराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित डिस्पेंसरी इन दिनों खुद बीमार है. केंदाडीह में नए सीएचसी का संचालन शुरू होने के बाद इस पुराने भवन को बंद कर दिया गया था, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नेताओं की मांग पर इसे दोबारा डिस्पेंसरी के रूप में शुरू किया गया. उद्देश्य था प्रखंड की 10 पंचायतों की लगभग 60 हजार की आबादी को नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा देना, लेकिन वर्तमान में यह केंद्र खुद बीमार नजर आ रहा है. इस बड़ी आबादी के इलाज की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग ने महज एक फार्मासिस्ट शत्रुघ्न साव के भरोसे छोड़ दी है. यह डिस्पेंसरी सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही खुलती है. इसके बंद होने के बाद मरीजों को विवश होकर केंदाडीह सीएचसी जाना पड़ता है. दूरी अधिक होने के कारण आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
केंदाडीह की अधिक दूरी के कारण 10 पंचायतों के मुसाबनी सीएचसी पर निर्भर
60 हजार की आबादी का इलाज सिर्फ एक फार्मासिस्ट के भरोसे
