East Singhbhum News : अबुआ गांव व अबुआ राज के सपने को साकार करेगा पेसा कानून : सोमेश

पेसा कानून पारित होने पर दामपाड़ा तरफ कमेटी ने विधायक का किया स्वागत

घाटशिला. झारखंड कैबिनेट से पेसा कानून पारित होने घाटशिला की दामपाड़ा तरफ कमेटी ने विधायक सोमेश चंद्र सोरेन का स्वागत किया. विधायक इसे झारखंड के लिए ऐतिहासिक दिन बताया. कहा कि पेसा कानून लागू होने से आदिवासी समाज को जल, जंगल और जमीन के अधिकार के साथ अपनी सभ्यता, संस्कृति, भाषा और रीति-रिवाजों की रक्षा का संवैधानिक आधार मिलेगा. पेसा कानून अबुआ गांव, अबुआ राज के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है. उन्होंने ग्राम प्रधानों को नियमित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि कानून की सही जानकारी और उसका सदुपयोग बहुत जरूरी है. साथ ही ग्राम प्रधानों से कानून का सही और जिम्मेदाराना प्रयोग करने की अपील की. मौके पर अधिपति मार्डी, कालीपद पाल, मंगल किस्कू, रामचंद्र सोरेन, फकीर सोरेन, बागराय हांसदा, पिथौ टुडू, कन्हैया लाल मुर्मू, समू मुर्मू, मुनि राम सोरेन, बुद्धेश्वर सोरेन, झामुमो नेता जगदीश भकत, दुर्गा चरण मुर्मू, खुदीराम हांसदा, काजल डॉन, सोनाराम सोरेन, दासमत सोरेन, भारत मुर्मू, प्रकाश टुडू समेत कई लोग उपस्थित थे. समारोह का संचालन भुजंग टुडू ने किया.

ग्रामसभा को मिलेगा वास्तविक अधिकार

घाटशिला. पूर्वी सिंहभूम माझी परगना महाल के तत्वावधान में बुधवार को घाटशिला प्रखंड अध्यक्ष बहादुर सोरेन व महासचिव सुधीर कुमार सोरेन के नेतृत्व में ग्राम सभा स्थापना दिवस कार्यक्रम हुआ. डुमरिया के सेरालडीह गांव में माझी बाबा लक्ष्मण हांसदा की अध्यक्षता में कार्यक्रम हुआ. कहा गया कि पेसा नियमावली पारित होना आदिवासियों की वर्षों पुरानी मांग की पूर्ति है. उम्मीद जतायी कि नियमावली को जल्द धरातल पर लागू किया जायेगा, जिससे ग्राम सभा को वास्तविक अधिकार मिलेगा. पांचवीं अनुसूची क्षेत्र में परंपरागत स्वशासन व्यवस्था ग्राम सभा के माध्यम से सर्वांगीण विकास, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण में अहम भूमिका निभायेगी. मौके पर माझी बाबा लक्ष्मण हांसदा, परमेश्वर हेंब्रम, सामु मार्डी, विनोद हेंब्रम, असेन सोरेन, वन बिहारी सरदार, हाड़ी राम किस्कु आदि मौजूद थे.

पेसा कानून का स्वागत, अब मेसा कानून लागू हो : मदन

घाटशिला. झारखंड नव निर्माण अभियान ने बुधवार को घाटशिला अनुमंडल कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना प्रदर्शन व उपवास किया. इसकी अध्यक्षता अध्यक्ष मदन मोहन सोरेन ने की. मदन मोहन सोरेन ने कहा कि पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत धरना आयोजित किया गया है. उन्होंने पेसा कानून लागू किये जाने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बधाई दी. साथ ही स्पष्ट किया कि जब तक मेसा कानून लागू नहीं होगा, तब तक झारखंड के आदिवासी-मूलवासी को पूर्ण अधिकार नहीं मिल पायेगा. पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को अधिकार, वन भूमि पर ग्राम सभा का अधिकार, खनन व जमीन अधिग्रहण में ग्राम सभा की सहमति, लघु वन उपज व जल संसाधनों का प्रबंधन तथा जल-जंगल-जमीन से जुड़े मामलों में ग्राम सभा की भूमिका तय की गयी है. मेसा कानून लागू नहीं होने से इन अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि अनुसूचित क्षेत्रों के शहरी इलाकों में मेसा कानून लागू नहीं होने के कारण आदिवासी व मूलवासी अपनी परंपरा, संस्कृति और स्वशासन व्यवस्था को सुरक्षित नहीं रख पा रहे हैं. उन्होंने मांग की कि मेसा कानून बनाकर अनुसूचित क्षेत्रों के आदिवासियों को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाये.

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Published by: Atul pathak

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