East Singhbhum News : प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं : प्रधानाध्यापक

बच्चों ने गीत व नाटक से दिया समानता का संदेश

गालूडीह.

भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर शनिवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय, धातकीडीह में शीतकालीन अवकाश के दौरान विशेष शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में विद्यालय के बच्चों के साथ जमशेदपुर की लिटिल इप्टा टीम के बाल कलाकारों की सहभागिता रही, जहां शहरी और ग्रामीण बच्चों का प्रेरक समागम देखने को मिला. कार्यक्रम के दौरान भारतीय जननाट्य संघ (इप्टा) से जुड़ी अर्पिता ने बच्चों को सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष और महिला शिक्षा में उनके ऐतिहासिक योगदान से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने महाराष्ट्र में लड़कियों के लिए पहला स्कूल खोला और आज लड़कियों को शिक्षा का अधिकार उनके उस संघर्ष का परिणाम है. लिटिल इप्टा के बच्चों ने जनवादी हिंदी गीतों के माध्यम से शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय का संदेश दिया. वहीं, ओलचिकी लिपि के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बच्चों ने संताली गीत प्रस्तुत किए.

बच्चों ने प्रस्तुत किया ‘लोहे का आदमी’ नाटक

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अफ्रीकी लोककथा पर आधारित नाटक “लोहे का आदमी ” रहा, जिसमें सामाजिक सूझबूझ से कठिन परिस्थितियों का समाधान दिखाया गया. इस नाटक में साहिल, दिव्या, नम्रता, गुंजन, अभिषेक नाग, सुरभि, सुजल, काव्या और श्रवण ने शानदार अभिनय किया. विद्यालय के प्रधानाध्यापक साजिद अहमद ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि “प्रतिभा कभी उम्र की मोहताज नहीं होती, सही मार्गदर्शन मिलने पर बच्चे समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं. कार्यक्रम में शिक्षक निखिल रंजन धावडिया, नव‑नियुक्त शिक्षक रूप कुमार, कलाकार बादल तथा निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक तरुण कुमार उपस्थित रहे. शीतकालीन अवकाश के बावजूद लगभग 150 बच्चों और अभिभावकों की उपस्थिति कार्यक्रम की सफलता का प्रमाण रही.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By ATUL PATHAK

ATUL PATHAK is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >