East Singhbhum News : सांस्कृतिक धरोहर टुसू पर्व को सहेजें : सोमेश

गालूडीह. उलदा टुसू मेला में उमड़ा झारखंडी संस्कृति का सैलाब, मांदर और धमसे की थाप जमकर थिरके लोग

गालूडीह.

गालूडीह थाना क्षेत्र के छोटा उलदा गांव स्थित फुटबॉल मैदान में बुधवार को एएसी क्लब के तत्वावधान में भव्य टुसू मेला का आयोजन किया गया. यहां कई गांवों से लोग पहुंचे. मेला में झारखंडी लोक संस्कृति की झलक दिखी. लोग मांदर और धमसे की थाप तथा टुसू गीत पर खूब थिरके. मेले में तरह-तरह की दुकानें सजी थीं. मौके पर मुख्य अतिथि घाटशिला विधायक सोमेश सोरेन उपस्थित थे. मेले में एक से बढ़कर एक टुसू प्रतिमाएं लायी गयीं. मेला में विभिन्न दलों ने पारंपरिक नृत्य किया. विधायक ने कहा कि टुसू पर्व झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर है. इससे आदिवासी-मूलवासी सहेज कर रखें. टुसू पर्व झारखंडी भाषा, संस्कृति व परंपरा की पहचान है. इसे बनाये रखना हम सभी का दायित्व है.

बासुड़दा (कुनाबेड़ा) की टुसू प्रथम, 21 हजार नकद मिले

मौके पर टुसू प्रतियोगिता हुई. चयन कमेटी ने प्रथम पुरस्कार बासुड़दा (कुनाबेड़ा) की टुसू को 21 हजार नकद दिया. द्वितीय पुरस्कार बालीगुमा की टुसू को 15 हजार व तृतीय पुरस्कार लखनडीह की टुसू को 10 हजार रुपये दिये. अन्य टुसू प्रतिमाओं को सांत्वना पुरस्कार दिया गया. मौके पर कालीपद गोराई, दुर्गाचरण मुर्मू, वकील हेंब्रम, रतन महतो, भूतनाथ हांसदा, काजल डॉन, मंगल मुंडा, सुनील हांसदा, मंगल सिंह, पिंटू महतो, राजेश महतो, मंटू महतो, अशोक महतो, लाल मोहन सिंह, नारायण सिंह आदि उपस्थित थे.

बाउल गीतों पर झूमते रहे लोग

उलदा टुसू मेला में बाउल संगीत कार्यक्रम हुआ. लोक कलाकारों ने एक से बढ़कर एक बाउल गीत प्रस्तुत कर झूमने पर विवश कर दिया. बाउल संगीत सुनने भीड़ उमड़ी. लोगों ने बाउल संगीत का आनंद लिया. मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) के राधागोविंद बाउल संप्रदाय ने बाउल संगीत प्रस्तुत किया.

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Author: AKASH

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