East Singhbhum News : अतिक्रमण हटाने पहुंचे सीओ और पुलिसकर्मियों का विरोध, बैरंग लौटे

अतिक्रमण हटाने पहुंचे सीओ और पुलिसकर्मियों का विरोध, बैरंग लौटे

धालभूमगढ़.

नूतनगढ़ पंचायत के गोगलो गांव में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के लिए चयनित जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंचे अंचलाधिकारी एवं पुलिसकर्मियों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. पक्के अतिक्रमण को हटाये बिना झोपड़ियों को हटाने पर उग्र विरोध के बाद अंचलाधिकारी एवं पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा. विदित हो कि गोगलो गांव आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण होना है. उक्त जमीन पर कई गरीब झोपड़ी बनाकर वर्षों से रहते आ रहे हैं. बीते दिनों जमीन से अतिक्रमण हटाने की नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों ने सीओ को ज्ञापन सौंपकर उक्त जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण का विरोध करते हुए कहा था कि गांव से दूरी होने के कारण बच्चों को केंद्र में जाने में दिक्कत होगी. साथ ही कई गरीब लोग सरकारी जमीन पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं. ग्रामीणों का नेतृत्व कर रही पूर्व जिप सदस्य आरती सामाद ने भी अंचलाधिकारी से मिलकर गरीबों की झोपड़ी नहीं तोड़ने तथा आंगनबाड़ी केंद्र अन्यत्र निर्माण कराने की बात बात कही थी. शनिवार को जब अंचलाधिकारी पुलिस बल के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचे, तो ग्रामीणों ने पूरजोर विरोध किया तथा पूरी जमीन को ही अतिक्रमण मुक्त करने की मांग की. इसमें एक पंचायत प्रतिनिधि का पक्का मकान भी अतिक्रमण की जद में आ रहा है. ग्रामीणों की मांग थी कि पहले पक्के मकान को तोड़ा जाये इसके बाद झोपड़ियों को तोड़ने देंगे. आरती सामाद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने इसका विरोध जताया. सीओ समीर कच्छप ने कहा कि ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए पक्के और कच्चे घर बनाकर रहने वालों को नोटिस भेजी जायेगी.

जाहेरथान की भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाये

रावताड़ा पंचायत के नुवाग्राम के ग्रामीणों ने शनिवार को अंचलाधिकारी के नाम एक ज्ञापन सौंप कर जाहेरथान की भूमि को कब्जा मुक्त करने की मांग की है. ज्ञापन में कहा गया है कि नुवाग्राम मौजा के खाता संख्या-41, प्लॉट संख्या-273, थाना-136, रकबा 0.15 एकड़ जमीन को जाहेरथान के रूप में पूर्वजों के समय से उपयोग करते आ रहे हैं. गांव के लोग आज तक इसी जमीन पर पूजा करते आ रहे हैं. बीते दिनों जाहेरथान की घेराबंदी के लिए सरकार को आवेदन देने के बाद पता चला कि यह जमीन गांव के ही रूपचंद सोरेन के नाम से दर्ज है. ग्रामीणों का कहना है कि उक्त जमीन किस आधार पर और कितने वर्ष पहले उन्होंने अपने नाम दर्ज करायी, यह ग्रामीणों एवं ग्राम प्रधान की समझ से परे है, जबकि सार्वजनिक रूप से वर्षों से लोग इस भूमि का उपयोग जाहेरथान के रूप में करते आ रहे हैं. इस संबंध में शनिवार को ग्रामसभा भी की गयी. ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्रामसभा में रूपचंद सोरेन में उक्त जमीन पर अपना कब्जा छोड़ने से साफ इनकार कर दिया. इससे ग्रामीणों में नाराजगी है. ग्रामीणों ने मांग की है कि अविलंब उक्त जमीन को कब्जा मुक्त कर घेराबंदी का कार्य शुरू कराया जाये. ज्ञापन की प्रति अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को भी दी गयी है. मौके पर बोसेन हांसदा, ठाकुर मांडी, रमेश मांडी, गुमदी सोरेन, लोबो सोरेन एवं ग्राम प्रधान ठाकुर मांडी उपस्थित थे. ग्रामीणों ने सीओ की अनुपस्थिति में प्रधान सहायक प्रकाश पुराण को ज्ञापन सौंपा.

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Author: ATUL PATHAK

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