East Singhbhum News : मंत्री के लिए पूजा, प्रार्थना व दुआ की गयी

ब्रेन स्ट्रोक के बाद दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं घाटशिला विधायक रामदास सोरेन

गालूडीह. झारखंड के शिक्षा मंत्री सह घाटशिला के विधायक रामदास सोरेन चार दिनों से दिल्ली के अपोलो अस्पताल में इलाजरत हैं. उनके विधान सभा क्षेत्र घाटशिला में उनके स्वास्थ्य लाभ के लिए प्रार्थना व दुआ मांगी जा रही है. जाहेरगाड़ में आदिवासी समाज ने की विशेष पूजा: घाटशिला के ठाकुरवाड़ी-जोजोगोड़ा स्थित सिदो- कान्हू दिशोम जाहेरगाड़ में रामदास सोरेन के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ को लेकर लाया लक्ष्मण मार्डी ने विशेष पूजा की. ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से मारांग बुरु और जाहेर आयो से प्रार्थना की. मौके पर अध्यक्ष विक्रम बास्के, सचिव कासू मुर्मू, कोषाध्यक्ष सुभाष मुर्मू, दुर्गाचरण मुर्मू, पतित हांसदा, पान कुमारी मार्डी, अलादी हांसदा, बालू सोरेन, अनिल मार्डी, आनंद मार्डी, दुलाराम टुडू आदि उपस्थित थे.गालूडीह-दामपाड़ा में आदिवासी दिवस पर कार्यक्रम स्थगित

शिक्षा मंत्री सह विधायक रामदास सोरेन की स्थिति गंभीर है. आगामी नौ अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रमों पर असर पड़ने लगा है. गालूडीह-दामपाड़ा में तय कार्यक्रम स्थगित हो चुके हैं. दोनों जगहों पर रामदास सोरेन की पहल पर कार्यक्रम होना था. वे मुख्य अतिथि थे. अब कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा है. गालूडीह बीआसी मैदान में पंडित रघुनाथ मुर्मू गांवता क्लब गालूडीह, अखिल भारतीय संताली लेखक संघ (झारखंड शाखा) और अखिल झारखंड संताली शिक्षक संघ के बैनर तले कार्यक्रम होने थे. यहां सिंहराय नाच, आदिम जनजाति नाच, मुंडारी नाच समेत पारंपरिक नृत्य-संगीत होना था. संताली लोक कलाकारों को आमंत्रित किया गया था. दो अगस्त को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की तबीयत बिगड़ गयी. तीन अगस्त को गालूडीह में बैठक कर तीनों सामाजिक संगठनों और झामुमो नेताओं ने कार्यक्रम को स्थगित करने की घोषणा कर चुके हैं.

विश्व आदिवासी दिवस पर झाड़ग्राम आयेंगी सीएम ममता

विश्व आदिवासी दिवस पर नौ अगस्त को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी झाड़ग्राम आयेंगी. इस दौरान 7 से 9 अगस्त तक तीन दिवसीय सरकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है. सूत्रों के अनुसार 6 अगस्त को मुख्यमंत्री झाड़ग्राम में पदयात्रा करेंगी. 7 अगस्त को झाड़ग्राम में उनकी प्रशासनिक बैठक होगी. जंगल महल के विकास को लेकर कई योजनाओं की घोषणा की जायेगी. बंगाल में संताली भाषा को पहले ही संवैधानिक मान्यता मिल चुकी है. कुड़माली, भूमिज और मुंडा भाषा को मान्यता दिलाने की मांग लगातार जोर पकड़ रही है. मुख्यमंत्री भाषाई आंदोलन को केंद्र में रखकर आदिवासी समुदायों के दिल जीतने झाड़ग्राम आ रही हैं.

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Author: ATUL PATHAK

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