घाटशिला. नववर्ष पर लांस नायक शहीद बाघराय मार्डी के पैतृक गांव मुसाबनी प्रखंड के लावकेशरा में अखिल भारतीय पूर्व सैनिक अर्द्धसैनिक संगठन घाटशिला शाखा और ग्रामीणों ने उन्हें सलामी देते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम की शुरुआत उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया गया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने राष्ट्रगीत गाया व भारत माता की जय के नारे लगाये. जिससे पूरा गांव देशभक्ति के रंग में रंग गया. शहादत दिवस के मौके पर जरूरतमंदों के बीच कंबल भी वितरित किये गये.
उनके परिवार को अबतक नहीं मिली सरकारी सुविधा : मो जावेद
मौके पर शौर्य चक्र विजेता मो जावेद ने कहा कि झारखंड वीरों की भूमि रही है. चाहे भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, फूलो-झानो हों या परमवीर चक्र विजेता अल्बर्ट एक्का. उन्होंने बताया कि बाघराय मार्डी 1992 में शहीद हुए थे और संयुक्त बिहार राज्य होने के कारण उनके परिवार को अब तक कोई सरकारी सुविधा नहीं मिल पायी है. संगठन इस दिशा में लगातार प्रयासरत है. शहीद के शिक्षक कुंदन कुमार सिंह ने उन्हें मेधावी और अनुशासित छात्र बताया, वहीं कैप्टन धानो टुडू ने कार्यक्रम में शामिल सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया.कार्यक्रम में शहीद के परिवार के सदस्य ठाकुर मार्डी, जादूनाथ मार्डी, धानो मुर्मू, जीनू बाघराय मार्डी, निताई मार्डी, सूबेदार मेजर लुगू बास्के, वीर नारी हेमंती मुर्मू, गुमी बेसरा, जशोदा मार्डी, कारण मुर्मू और तुलसी मुर्मू आदि ग्रामीण उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
