East Singhbhum News : जीवन में भक्ति आते ही दूर हो जाती हैं अन्य सारी कमियां : विजय गुरुजी

नरसिंहगढ़ में भागवत कथा, कंस वध और रुक्मिणी विवाह का वर्णन

धालभूमगढ़. नरसिंहगढ़ के अग्रसेन भवन में सात दिवसीय भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन मंगलवार को कथा वाचक विजय गुरुजी ने श्रीकृष्ण का मथुरागमन, कंस वध और रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया. श्री कृष्ण के मथुरा गमन के पूर्व माता यशोदा व गोपियों के प्रेम भाव का वर्णन सुन लोगों की आंखें भर आयीं. विजय गुरु जी ने गोपिकाओं के प्रेम का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि उस समय भगवान कृष्ण ने गोपिकाओं के साथ असंख्य मनमथ रूप में रास रचाया. करोड़ कामदेव की लीला भी गोपियों के प्रेम में भस्म हो गयी.

अपने जीवन का उद्देश्य और लक्ष्य को समझें:

उन्होंने कहा कि जीवन में भक्ति आ जाती है, तो सारी कमियां दूर हो जाती हैं. दिल को हराना नहीं जितना सीखें. हाथ उठाकर समर्पण करना है, तो भगवान के सामने करें. अपने जीवन का उद्देश्य और लक्ष्य को समझें. सोचें कि आपका जन्म क्यों हुआ है. भगवान कहते हैं कि धर्म की रक्षा व नैतिक कार्य करना जीवन का लक्ष्य हो. प्रत्येक व्यक्ति मानें कि वह भी एक अवतार है, जिसका संसार में आने का लक्ष्य निर्धारित है. जो जैसा सोचता है, भगवान उसी रूप में उसे दिखते हैं.

रुक्मिणी विवाह की मनोरम झांकी निकाली:

कथा के अंत में रुक्मिणी विवाह का वर्णन किया गया. इस दौरान रुक्मिणी विवाह की मनोरम झांकी प्रस्तुत की गयी. महिलाओं ने जमकर नृत्य का आनंद उठाया. कथा श्रवण करने बीडीओ बबली कुमारी समेत अन्य उपस्थित थे. आयोजन में आशीष अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, बंटी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल समेत गोयल परिवार का सक्रिय योगदान रहा.

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Published by: Atul pathak

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