कोवाली थाना प्रभारी पर बुजुर्ग श्यामा प्रसाद बेरा के साथ कथित मारपीट और प्रताड़ना के आरोपों का मामला और गंभीर होता जा रहा है. एमजीएम अस्पताल में इलाजरत पीड़ित के परिजनों ने थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव पर गंभीर आरोप लगाये हैं. परिजनों का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी लगातार अस्पताल पहुंचकर मामले को दबाने और शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं. पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए परिजनों ने प्रशासन से अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने की मांग की है. पीड़ित के पुत्र करण बेरा ने बताया कि उनके पिता अभी भी गंभीर शारीरिक पीड़ा से गुजर रहे हैं. उनके शरीर में सूजन और पैरों में गंभीर चोटें हैं. परिजनों का आरोप है कि पहली बार मना करने के बाद देर रात करीब एक बजे थाना प्रभारी दोबारा सादे लिबास में अस्पताल पहुंचे और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाते हुए कहा, जो हो गया उसे भूल जाइए. करण बेरा ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग से साफ हो जाएगा कि थाना प्रभारी किस समय और किस उद्देश्य से आये थे. पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, परिवार की सुरक्षा और दबाव बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
आरोप पूरी तरह निराधार हैं : थाना प्रभारी
इस पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कोवाली थाना प्रभारी मुकेश कुमार साव ने कहा कि उनके ऊपर लगाये गये सभी आरोप पूरी तरह से निराधार और झूठे हैं. ऐसा कोई मामला नहीं है. उन्हें जानबूझकर इस विवाद में घसीटा जा रहा है.
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