East Singhbhum News : घाटशिला में एक दशक में कई कंपनियां करोड़ों ठगी कर हुईं फरार, राशि वापसी के इंतजार में सैकड़ों ग्रामीण

बेहतर भविष्य की आस में पेट काटकर रुपये जमा करने वालों को थाने में शिकायत के बावजूद कुछ नहीं मिला, मेसर्स वेट्री ट्रेडर्स कंपनी द्वारा ठगी का मामला आने पर कई लोगों के जख्म ताजा हुए

घाटशिला. घाटशिला अनुमंडल में बीते एक दशक में कई कंपनियां विभिन्न तरह के प्रलोभन देकर सैकड़ों लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर फरार हो गयीं. अपने बेहतर भविष्य की आस में पेट काटकर रुपये जमा करने वाले ग्रामीणों को थाने में शिकायत के बावजूद कुछ नहीं मिला. क्षेत्र के सैकड़ों लोग आज भी अपने कागजात सुरक्षित रखे हुए हैं कि शायद डूबे पैसे मिल जाये. हालांकि, इनके सब्र का बांध टूटने लगे हैं. हाल में घाटशिला थाना क्षेत्र के गोपालपुर स्थित रामकृष्णा अपार्टमेंट में संचालित मेसर्स वेट्री ट्रेडर्स के नाम पर 100 से अधिक लोगों से ठगी हुई है. इस संबंध में 60 लोगों ने थाने में शिकायत की है. उक्त मामला सामने आने के बाद कई लोगों के पुराने जख्म ताजा हो गये हैं.

कोलकाता वायर व रोज वैली भी पैसे लेकर हुई थी फरार

बीते चार दिनों से घाटशिला थाना पुलिस सक्रिय रूप से जांच में जुटी है. हालांकि, इसके पूर्व कई कंपनियां घाटशिला आयीं और ठगी कर फरार हो गयीं. मामला भी दर्ज हुआ. आज भी लोगों के डूबे पैसा नहीं मिले. एक दशक पूर्व कोलकाता वायर के नामक रजिस्टर्ड कंपनी ने गोपालपुर में निजी कार्यालय खोला था. वहीं, रोजवैली ने अपना निजी कार्यालय मुख्य सड़क के किनारे खोल था. दोनों निजी कंपनी कुछ दिनों तक संचालित रहीं. आकर्षक मुनाफे का लालच देकर गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों से पैसे जमा कराये. किसी ने मजदूरी कर अपनी जमा-पूंजी लगायी, तो किसी ने भविष्य की उम्मीद में अपनी बचत इन कंपनियों के हवाले कर दी. वादों और आश्वासनों की चमक ज्यादा दिन नहीं टिकी और एक रात चुपचाप ताले लटका कर ये कंपनियां फरार हो गयीं. मामले भी दर्ज हुए, जांच भी हुई, लेकिन आज तक माध्यम तथा गरीब वर्ग को उनके पैसे नहीं मिले.

राशि वापसी की आस में आज भी कागजात संभाल रखा है लोगों ने

कालचिती पंचायत के बांधडीह गांव में 150 परिवार और 800 आबादी है. अधिकतर घरों में लोगों ने रोजवैली और कोलकाता वायर इंडस्ट्रीज के प्रमाण पत्र को संभाल कर रखा है. अभी भी आशा है कि एक दिन न एक दिन पैसे मिलेंगे. गांव की चंचला सरकार का निधन हो गया. निजी कंपनी के प्रमाण पत्र को सहेज कर परिजनों ने रखा है.

…क्या कहते हैं स्थानीय लोग…

वर्ष 2011 व 2012 में चंचला सरकार ने 20 हजार रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट कराया था. साढ़े 4 साल में डबल करने का आश्वासन का प्रमाण पत्र दिया गया था. बीच में कार्यालय बंद हो गया. इसकी जांच होती रही है, लेकिन पीड़ित को पैसे नहीं मिले.

– मुचीराम भूमिज, पूर्व पंसस, कालचिती

————————————–रोजवैली व कोलकाता वायर इंडस्ट्रीज में हमने साढ़े चार साल के लिए वर्ष 2013 में मेहनत- मजदूरी कर 20 हजार रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट किया. कुछ दिनों के बाद कंपनी फरार हो गयी. इसका अभी तक खुलासा नहीं हुआ.

– नोलीन गोराई, बांधडीह निवासी

————————————–कोलकाता वायर इंडस्ट्रीज में 26 सितंबर, 2013 को मेहनत और मजदूरी कर 20 हजार रुपये जमा किये थे. आज भी कागजात अपने बक्से में समेट कर रखे हैं. 12 वर्ष बाद भी पैसे नहीं मिले, जबकि साढ़े 4 साल में मिलने थे.

– प्रमिला गोराई, बांधडीह निवासी————————————–

13 सितंबर, 2012 को मैं ओर मेरे पति ने मजदूरी कर 20 हजार रुपये जमा कर रोजवैली में फिक्स्ड डिपॉजिट किया था. 12 वर्ष बीत गये, मूल पैसे भी नहीं मिले. पुलिस जांच करती रह गयी. लेकिन पैसा नहीं मिले.

– फूलमनी भुइयां, बांधडीह निवासी

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एक सप्ताह में गिरफ्तारी नहीं हुई, तो सड़क पर उतरेंगे : प्रदीप बलमुचु

राज्यसभा के पूर्व सांसद सह झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ प्रदीप कुमार बलमुचु ने कहा कि घाटशिला में वेट्री ट्रेडर्स मामले में पुलिस एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करे, अन्यथा हम कार्यकर्ताओं के साथ सड़क पर उतरेंगे. पुलिस हेलमेट और सीट बेल्ट चेकिंग के नाम पर सिर्फ बाजारों में चेकिंग कर रही है. इससे छोटे दुकानदारों का व्यापार ठप हो रहा है. हाइवे पर जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं, वहां कोई चेकिंग नहीं होती है. घाटशिला में पहले भी कई कंपनियां आयीं और चली गयीं, आम जनता ठगी की शिकार हुई. अब पुलिस को गंभीरता से कार्रवाई करनी होगी, ताकि दोबारा ऐसा न हो.

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Author: AVINASH JHA

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