East Singhbhum News : मेहनत, धैर्य और विश्वास ही सफलता की कुंजी: डॉ बलमुचू

घाटशिला के जेसी हाई स्कूल स्थित आशा ऑडिटोरियम में रविवार को गौरीकुंज उन्नयन समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी की अध्यक्षता में विभूति भूषण विद्या सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया.

घाटशिला में विभूति भूषण विद्या सम्मान समारोह, 90 छात्र-छात्राएं हुये सम्मानित

6जी 10- छात्रा को पुरस्कृत करते प्रदीप बलमुचू व अन्य.

6जी 11- नृत्य प्रस्तुत करती छात्राएं

प्रतिनिधि, घाटशिला

घाटशिला के जेसी हाई स्कूल स्थित आशा ��डिटोरियम में रविवार को गौरीकुंज उन्नयन समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी की अध्यक्षता में विभूति भूषण विद्या सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया. घाटशिला के विभिन्न सरकारी स्कूलों से मैट्रिक व इंटर की परीक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुल 90 विद्यार्थियों को मोमेंटो और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ प्रदीप कुमार बलमुचू, विशिष्ट अतिथि जादूगोड़ा पुलिस ट्रेनिंग सेंटर के डिप्टी कमांडेंट नीरज जायसवाल, समिति के अध्यक्ष तापस चटर्जी, ट्री मैन प्रो इंदल पासवान,बीडीएसएल महिला इंटर कॉलेज की निर्देशिका नियति दे, प्रधानाध्यापिका रीता मंडल और साधुचरण पाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. मुख्य अतिथि डॉ प्रदीप बलमुचू ने समारोह की सराहना कहते हुए कहा कि छात्रों को यह सम्मान केवल उनकी मेहनत और उनके शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से प्राप्त हुआ है. कहा कि सफलता एक पड़ाव है, निरंतर प्रयास करते रहना ही असली उपलब्धि है. डॉ बलमुचू ने दीपक का उदाहरण देते हुए कहा कि दीपक की खासियत यही है कि वह किसी तार या बाहरी ऊर्जा के सहारे नहीं जलता, बल्कि अपने भीतर के ईंधन से रोशनी देता है. ठीक उसी तरह छात्रों को भी आत्मबल, संकल्प और ज्ञान के उजाले से खुद को प्रकाशित करना है और समाज के लिए प्रेरणा बनना है. कहा कि सिर्फ प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान लाने वाले ही नहीं, बल्कि हर वह छात्र जो निरंतर प्रयास करता है, वह सराहना के योग्य है. सफलता का रास्ता मेहनत, धैर्य और विश्वास से होकर गुजरता है.

घाटशिला से सिर्फ खनिज नहीं प्रतिभाएं भी निकल रही : नीरज जायसवाल

विशिष्ट अतिथि नीरज जायसवाल ने घाटशिला की धरती को ज्ञान और साहित्य की उर्वरा भूमि बताया. कहा कि यह क्षेत्र न सिर्फ खनिज संपदा में समृद्ध है, बल्कि यहां से निकलने वाली प्रतिभाएं देश और दुनिया में अपना नाम रोशन कर रही हैं. विभूति भूषण बंद्योपाध्याय जैसे साहित्यकार की कर्मभूमि में पठन-पाठन करना बच्चों के लिए गर्व की बात है. अध्यक्ष तापस चटर्जी ने कहा यह सम्मान समारोह वर्ष 2010 से लगातार आयोजित हो रहा है. इस बार न केवल छात्र-छात्राओं को, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में सतत योगदान देने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया है. छात्रों का उत्साहवर्धन किया गया और उन्हें भविष्य में भी लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया गया.

छात्राओं ने प्रस्तुत किया सांस्कृतिक कार्यक्रम

समारोह का संचालन संयोजक डॉ संदीप चंद्रा ने किया. कार्यक्रम की शुरुआत में गौरीकुंज की महिला सदस्यों ने सरस्वती वंदना और हम होंगे कामयाब गीत प्रस्तुत कर माहौल को प्रेरणादायक बनाया. वहीं अपुर पाठशाला की बच्चियों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना पर सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सभी का मन मोह लिया. मौके पर समिति के महासचिव शिल्पी सरकार, कोषाध्यक्ष मृणाल कांति विश्वास, समाजसेवी कांचन कर, सपना बोस, भारती पाल, पूर्णिमा रॉय, सुभाषीश गुहा, संजय सिन्हा, प्रदीप भद्रो, विकास बारिक, हनु बारिक समेत बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे.

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Published by: Akash

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