मुसाबनी. मुसाबनी अस्पताल चौक में स्थित मारांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी जयंती मनायी गयी. सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उनके शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में किये गये ऐतिहासिक योगदान को नमन किया गया. श्रद्धांजलि कार्यक्रम के उपरांत मुसाबनी डाक बंगला में बैठक आयोजित की गयी. बैठक में 2 जनवरी को राज्य सरकार द्वारा जारी पेसा नियमावली पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. सदस्यों ने नियमावली का स्वागत करते हुए कहा कि इससे झारखंड के पांचवीं अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को कानूनी मान्यता और वास्तविक सशक्तीकरण मिलेगा. बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक गांव में ग्रामसभा के अंतर्गत ग्राम समिति का गठन किया जायेगा, जिससे पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत किया जा सके. यह समिति स्थानीय मुद्दों पर संवैधानिक ढांचे के भीतर निर्णय लेने में सहायक होगी. बैठक में आगामी 22 एवं 23 मार्च को प्रस्तावित सम्मेलन को लेकर कार्ययोजना, दायित्व वितरण, सहभागिता और समन्वय पर विस्तृत चर्चा की गयी. इस अवसर पर झारखंड पोनोत माझी बुद्धेश्वर मार्डी, पोनोत जोग माझी शंकर सेन माहली, पूर्वी सिंहभूम तरफ परगना सोबरा हेंब्रम, सुराई बास्के, संजीवन पातर, विदु सोरेन, साकला माडी, प्रियनाथ बास्के, मोहम्मद गुलाम, संजय बेहरा, मंगल माडी, विकास हेंब्रम, गोविंद बेहरा समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे.
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