संवाददाता, गालूडीह
घाटशिला प्रखंड की बाघुड़िया पंचायत अंतर्गत पहाड़ पर स्थित मिर्गीटांड़ और डुमकाकोचा गांव में बरसात के मौसम में गंभीर बिजली संकट उत्पन्न हो गया है. बारिश की शुरुआत के बाद से दोनों गांवों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ी है. कभी दिन में थोड़ी देर आपूर्ति होती है, तो रात होते ही पूरे इलाके में अंधेरा छा जाता है.जंगल के रास्ते गुजरी बिजली की लाइनों, खंभों और तारों में आये दिन फॉल्ट आते रहता है. ग्रामीणों का आरोप है कि पहले बाघुड़िया पंचायत के स्थानीय मिस्त्री कार्यरत थे, लेकिन उनका तबादला कर हेंदलजुड़ी के मिस्त्री को जिम्मेदारी दे दी गयी है. दूरी अधिक होने के कारण सूचना देने के बावजूद मिस्त्री समय पर नहीं पहुंचते, जिससे कई-कई दिनों तक फॉल्ट ठीक नहीं होता और लोग अंधेरे में रहने को विवश हैं.
उल्लेखनीय है कि दोनों गांव मलेरिया जोन के रूप में चिह्नित हैं. इन दिनों क्षेत्र में मच्छरों का भारी प्रकोप है, वहीं बिजली न रहने से पंखे बंद पड़े हैं, जिससे कई ग्रामीण मलेरिया की चपेट में आ चुके हैं. इसके अलावा पहाड़ी इलाका होने के कारण रात के अंधेरे में सांप और जहरीले बिच्छुओं का डर हमेशा बना रहता है.मुखिया प्रतिनिधि सुनील सिंह ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार लिखित व मौखिक शिकायत की गयी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. विभाग की इस घोर अनदेखी से ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है.
