Jadugora: यूसिल नरवा पहाड़ विस्थापितों के रोजगार और पुनर्वास से जुड़े वर्षों पुराने मुद्दों को लेकर पोटका विधायक संजीव सरदार ने पहल तेज कर दी है. उनके प्रयास से यूसिल नरवा पहाड़ विस्थापित कमिटी का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिला और उनके सामने अपनी समस्याओं को विस्तार से रखा. विस्थापितों ने बताया कि वर्ष 2014 में हुए समझौते के तहत हर वर्ष 8 नियुक्तियों का प्रावधान था, लेकिन अब तक इसका पालन नहीं हो सका, जिससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी बनी हुई है.
इसके बाद साल 2023 में विधायक संजीव सरदार के हस्तक्षेप के बाद हुई बैठक में अनुकंपा नियुक्तियों के त्वरित निपटारे और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आश्रितों को 90 दिनों के भीतर रोजगार देने का लिखित आश्वासन दिया गया था.
संजीव सरदार ने हमेशा उठाई है विस्थापितों के लिए आवाज
कुछ ना होने के बाद जनवरी 2026 में हुए बड़े आंदोलन के बाद विधायक संजीव सरदार के हस्तक्षेप से मामला अनुमंडल पदाधिकारी तक पहुंचा. धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में हुई वार्ता में यह सहमति बनी कि अनुकंपा के आधार पर 8 लोगों को तत्काल नौकरी दी जाएगी और 120 लोगों की सूची बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स को भेजकर एक महीने के भीतर रोजगार देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. हालांकि, अब तक इन निर्णयों पर पूरी तरह अमल नहीं हो पाया है.
वादे से मुकरना प्रबंधन की आदत
यूसिल नरवा पहाड़ विस्थापित कमिटी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर लंबित नियुक्ति और पुनर्वास पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने कहा कि हर बार अपने वादे से मुकर जाना प्रबंधन की आदत सी बन चुकी है, जिसका अब सरकार के पहल से ही समाधान हो सकता है. कमिटी ने विधायक संजीव सरदार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा की विधायक हमेशा ही उनके साथ उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर रहे हैं और उनके सहयोग के लिए कमिटी ने आभार व्यक्त किया. मुख्यमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में यूसिल नरवा पहाड़ विस्थापित कमेटी के अध्यक्ष बुधराई किस्कू व महासचिव मोचीराम सोरेन, सहित कई लोग उपस्थित थे.
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