मुसाबनी.
कुमीरमुढ़ी के चेतनटोला में ग्रामीणों की एक बैठक उप मुखिया में सोबेन मुर्मू की अध्यक्षता में हुई. बैठक में ग्राम प्रधान घासिया किस्कू पर माइंस में बहाली में पक्षपात एवं भेदभाव करने का आरोप लगाकर उन्हें ग्राम प्रधान से हटाने का निर्णय लिया गया. बैठक में ग्रामीणों ने नये ग्राम प्रधान के रूप में कारिया हांसदा का चयन किया. बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने कहा कि घासिया किस्कू एचसीएल माइंस बहाली में अपने लोगों को ही बहाली करते हैं. बहाली में कोई पारदर्शिता नहीं है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुड़मी जाति को बहाली में शामिल नहीं होने देते हैं. वनपट्टा में भी मनमानी करते हैं. इससे कई ग्रामीण परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित हैं. ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि ग्रामीणों के हितों के बारे में नहीं सोचते हैं. कई परिवारों के साथ बाद में आकर बसने की बात कहकर भेदभाव कर सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रखते हैं. सामाजिक भेदभाव से नाराज ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से घासिया किस्कू को पद से हटा दिया. उनके स्थान पर कारिया हांसदा को गांव का नया ग्राम प्रधान चुना गया. इसके साथ ही चेतन टोला के लिए सुनील मार्डी, गाजू टोला के लिए सुनील मुर्मू और पराणिक सुभाष हेंब्रम को जिम्मेदारी सौंपी गयी.वन अधिकार समिति भी गठित, अध्यक्ष बने धनुराम मार्डी
बैठक में वन अधिकार समिति का भी गठन किया गया. इसके अध्यक्ष धनुराम मार्डी, सचिव गुमदा मुर्मू, सदस्य सीता मुर्मू, छीता किस्कू, कापरा मार्डी, प्रभाती महतो, सुकूरमनी हांसदा, मालूम मार्ड़ी को बनाया गया. बैठक में निर्णय लिया गया कि हर किसी के सुख-दुख तथा गांव के विकास में सभी लोगों की सहभागिता सुनिश्चित की जायेगी. माइंस में बहाली एवं सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता के साथ सभी को शामिल किया जायेगा. बैठक में ग्राम सभा को कोष बनाने को लेकर चर्चा की गयी. निर्णय लिया गया की नये ग्राम प्रधान के चयन की सूचना जिले के उपायुक्त, घाटशिला एसडीओ और मुसाबनी सीओ को देकर सरकारी मान्यता देने की मांग की जायेगी, ताकि कोई भी परिवार सरकारी योजनाओं के साथ सामाजिक कार्य से वंचित न रहे. बैठक में रामदेव हेंब्रम, सोबेन मुर्मू, विक्रमादित्य महतो, सुखलाल हेंब्रम, गुबू किस्कू, दुशासन महतो समेत काफी संख्या में ग्रामीण महिला पुरुष उपस्थित थे.
इस मामले में घासिया किस्कू ने बताया कि हम अभी अपने मेहमान के घर डुमरिया के पलाशबनी गांव आया हूं. ग्रामीणों ने गांव में बैठक की है. इसकी जानकारी नहीं है. कुछ स्वार्थी तत्व के लोग हमें हटाना चाहते हैं. गांव पहुंचकर मामले की जानकारी लूंगा.