बहरागोड़ा/जमशेदपुर : कोल्हान डीआइजी प्रभात कुमार ने कहा कि कान्हू दस्ता के सरेंडर करने के बाद गुडाबांदा इलाके में अब कोई नक्सली नहीं बचा है. पूरी तरह से क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त हो गया है. लेकिन पुलिस नक्सलियों के सरेंडर करने के बाद भी विशेष ध्यान क्षेत्र में देगी. सीआरपीएफ के बने कैंप रहेंगे. कोई […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बहरागोड़ा/जमशेदपुर : कोल्हान डीआइजी प्रभात कुमार ने कहा कि कान्हू दस्ता के सरेंडर करने के बाद गुडाबांदा इलाके में अब कोई नक्सली नहीं बचा है. पूरी तरह से क्षेत्र नक्सलवाद से मुक्त हो गया है. लेकिन पुलिस नक्सलियों के सरेंडर करने के बाद भी विशेष ध्यान क्षेत्र में देगी. सीआरपीएफ के बने कैंप रहेंगे. कोई परिवर्तन नहीं किया जायेगा. डीआइजी गोलमुरी पुलिस लाइन में नक्सलियों के सरेंडर करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने कहा कि जब किसी बड़े नक्सली संगठन ने सरेंडर किया है, तो कुछ बड़ी वारदात की आशंका भी बनी रहती है. इसको ध्यान में रखकर जिला पुलिस काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि सरेंडर कराने में एसएसपी का काफी योगदान रहा है. उन्होंने जिला पुलिस की पीठ थपथपायी. उन्होंने कहा कि अभी सभी नक्सलियों को न्यायिक हिरासत में घाटशिला जेल भेजा जायेगा. उन्होंने कहा कि पुलिस के लगातार ऑपरेशन का परिणाम है कि बड़ी संख्या में नक्सली सरेंडर किये हैं.
हाल में पुलिस ने नक्सलियों से नौ हथियार किये जब्त
तीन जनवरी को गुडाबांदा के पुटरू गांव में पुलिस मुठभेढ़ के मारे गये नक्सली सुपाई टुडू और उसकी पत्नी सोनाली टुडू की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का हौसला बढ़ गया. इस दौरान पुलिस ने सुपाई टुडू के पास से 9एमएम का दो पिस्टल और 40 चक्र गोली तथा सोनारी के पास से एक देशी कट्टा बरामद किया था. इसके बाद गिरफ्तार सोनाली के निशानदेही पर पुलिस ने जंगल में पत्थर के बीच छुपाकर रखे दो पुलिस राइफल (एक एसअलआर था) एक रेगुलर राइफल, 43 गोलियां को जब्त किया था.
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दो माह से ग्रामीण एसपी व अभियान कर रहे थे कैंप
एसएसपी अनूप टी मैथ्यू ने कहा कि पिछले दो माह से ग्रामीण एसपी शैलेंद्र कुमार वर्णवाल और एएसपी अभियान प्रणव आनंद झा नक्सलियों को खदेड़ने के लिए कैंप कर रहे थे. दोनों के अलावा डीएसपी घाटशिला संजीव कुमार बेसरा और मुसाबनी डीएसपी अजीत कुमार ग्रामीणों से संपर्क में रहकर सरेडर करने के लिए मोटिवेट कर रहे थे.
वहीं ग्रामीण एसपी शैलेंद्र कुमार वर्णवाल ने कहा है कि ओड़िशा सीमा से सटे गुड़ाबांदा को नक्सल मुक्त करना पुलिस की बड़ी सफलता है. कान्हू मुंडा और उसके दस्ते के सदस्यों के सरेंडर करने से इलाका नक्सल मुक्त हो गया.