दोबारा लड़नी होगी जल जंगल व जमीन की लड़ाई

सीएनटी में संशोधन के विरोध में आदिवासी संगठनों ने की बैठक,कहा... बैठक को संबोधित करते शिल्हु मांडी. बैठक में उपस्थित लोग. बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के दिशुआ जाहेरथान में शनिवार को सरना समिति के तत्वावधान में मंगल प्रसाद हांसदा की अध्यक्षता में आदिवासी संगठनों ने एक बैठक की. बैठक में सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर चर्चा की गयी. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 8, 2017 4:12 AM

सीएनटी में संशोधन के विरोध में आदिवासी संगठनों ने की बैठक,कहा

बैठक को संबोधित करते शिल्हु मांडी. बैठक में उपस्थित लोग.
बहरागोड़ा : बहरागोड़ा के दिशुआ जाहेरथान में शनिवार को सरना समिति के तत्वावधान में मंगल प्रसाद हांसदा की अध्यक्षता में आदिवासी संगठनों ने एक बैठक की. बैठक में सीएनटी-एसपीटी एक्ट पर चर्चा की गयी. बैठक में उपस्थित लोगों ने सरकार की संशोधन नीति का विरोध किया.
सरना समिति के सचिव शिल्हु मांडी ने विस्तृत चर्चा की. शोभानाथ बेसरा ने सभी आदिवासी संगठनों से एकजुट होकर सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संसोधन का विरोध करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अब हमें जल, जंगल और जमीन की लड़ाई दोबारा लड़नी होगी. आंदोलन करने के लिए सभी तैयार रहें. गांव में बैठक कर सीएनटी- एसपीटी एक्ट में संशोधन के बारे में लोगों को जानकारी दें. उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार झारखंड की धरती से आदिवासियों को विलुप्त करना चाहती है.
पूंजिपतियों के लिए सीएनटी एक्ट में संशोधन िकया गया है.बैठक को सीताराम टुडू, गुरू चरण मांडी, हेंपा चरण टुडू, लाल मोहन हांसदा, रवी चांद मांडी आदि ने भी संबोधित किया. इस अवसर पर गोविंद सोरेन, विधान चंद्र मांडी, रामदास मांडी, यादु नाथ हेंब्रम, बाघराई टुडू, नलीन मुंडा, बाड़ा मुर्मू, हपी मुर्मू, महेंद्र टुडू, दशरथ हांसदा समेत आदिवासी विकास समिति, सिद्धो-कान्हु बिरसा समिति, पंडित रघुनाथ मुर्मू विकास समिति के सदस्य उपस्थित थे.